राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने CSA विश्वविद्यालय छात्रावासों की समीक्षा की, सुधार के निर्देश 

Share your love

संवाद 24 कानपुर । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA), कानपुर की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित महिला छात्रावासों का गहन निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया।

विश्वविद्यालय के सरोजिनी नायडू और गोदावरी गर्ल्स हॉस्टल का दौरा करते हुए उन्होंने छात्राओं से खाने-पीने, स्वच्छता, पेयजल, आवासीय सुविधाओं तथा छात्रवृत्ति जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने स्कॉलरशिप में देरी, खाने की गुणवत्ता और दैनिक सुविधाओं को लेकर अपनी समस्याएँ भी साझा कीं, जिन पर राज्यपाल ने त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। 

सुविधाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण 

राज्यपाल ने हॉस्टल कमरों, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा के इर्द-गिर्द मौजूद व्यवस्थाओं का अवस्थिति के आधार पर निरीक्षण किया। अस्पताल, खेलकूद मैदान, व्यायामशाला तथा अन्य बुनियादी अवसंरचना का भी मुआयना किया गया

छात्रों से संवाद

छात्राओं से त्वरित संवाद कर उनके अनुभव और समस्याओं की जानकारी राज्यपाल द्वारा प्रत्यक्ष रूप से ली गई। छात्राओं ने खासकर छात्रवृत्ति भुगतान में देरी, भोजन की गुणवत्ता तथा हॉस्टल में स्वच्छता के मुद्दों को उठाया

प्रशासन को निर्देश

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता बनाए रखें, लंबित निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करें और छात्राओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यवस्थित अधोसंरचना ही विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाती है। 

समीक्षा बैठक

निरीक्षण के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा पहले तय किए गए सुधार बिंदुओं पर प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने तथा 15 दिनों में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। 

इससे पहले भी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने CSA विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रशासन की रैंकिंग और संस्थागत प्रदर्शन पर चिंता जताई थी, जहाँ उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता और अधोसंरचना के मामलों में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया था। 

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का यह निरीक्षण न केवल छात्रावासों की दैनिक समस्याओं का समाधान निकालने के उद्देश्य से था, बल्कि यह संदेश भी है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र कल्याण, सुव्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी का प्राथमिकता स्तर पर होना आवश्यक है। प्रशासन को सुधारात्मक कार्रवाई के लिए स्पष्ट समयसीमा और जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे विश्वविद्यालय की सेवा-गुणवत्ता में व्यापक सुधार संभव हो सके।

Vaibhav Bhadauria
Vaibhav Bhadauria

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News