RTE में सख्ती: पटना के 922 निजी स्कूलों को अंतिम चेतावनी, 24 घंटे में भरना होगा सीट डेटा

Share your love

संवाद 24 बिहार । बिहार में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत दाखिले की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। पटना जिले के 922 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे ज्ञानदीप पोर्टल पर आरटीई कोटे की सीटों का पूरा विवरण 24 घंटे के भीतर अपलोड करें। तय समयसीमा के उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी से स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा है।

RTE के तहत क्यों जरूरी है सीट डेटा अपलोड
आरटीई कानून के अनुसार निजी स्कूलों में कक्षा-1 में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। इन सीटों का आवंटन पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। सीट डेटा अपलोड न होने से पात्र बच्चों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाता।

ज्ञानदीप पोर्टल से होती है पूरी प्रवेश प्रक्रिया
ज्ञानदीप पोर्टल पर स्कूलों द्वारा उपलब्ध सीटों की जानकारी देने के बाद ही अभिभावक ऑनलाइन आवेदन कर पाते हैं। इसके बाद ड्रॉ और सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी होती है। विभाग का कहना है कि यदि स्कूल समय पर डेटा नहीं देते, तो पूरी प्रवेश प्रक्रिया बाधित होती है और सरकार की योजना प्रभावित होती है।

लापरवाही पर कार्रवाई तय
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि समयसीमा के बाद भी जो स्कूल डेटा अपलोड नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नोटिस, आर्थिक दंड और मान्यता पर असर जैसी कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र बच्चे तक आरटीई का लाभ पहुंचे।

अभिभावकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला
आरटीई के तहत हजारों अभिभावक अपने बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का सपना देखते हैं। सीट डेटा की कमी से अभिभावकों को आवेदन में परेशानी होती है। विभागीय सख्ती से यह उम्मीद जगी है कि सभी स्कूल समय पर जानकारी देंगे और बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।

तकनीकी दिक्कतों का बहाना नहीं चलेगा
कुछ स्कूलों ने तकनीकी समस्या या डेटा सत्यापन में समय लगने की बात कही है। लेकिन शिक्षा विभाग का कहना है कि पोर्टल पहले से सक्रिय है और स्कूलों को पर्याप्त समय दिया जा चुका है। अब किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

शिक्षा में पारदर्शिता की ओर एक और कदम
सरकार का मानना है कि ऑनलाइन पोर्टल और सख्त निगरानी से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इससे न केवल गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को लाभ मिलेगा, बल्कि निजी स्कूलों की जिम्मेदारी भी तय होगी। अब सबकी निगाहें अगले 24 घंटे पर टिकी हैं। यदि सभी स्कूल सीट डेटा अपलोड कर देते हैं तो आरटीई दाखिले की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी। अन्यथा, शिक्षा विभाग कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News