8वें वेतन आयोग को कैबिनेट की मंजूरी, 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा, लेकिन वेतन बढ़ोतरी में लगेगा समय
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संवाद 24 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में वेतन बढ़ोतरी को लेकर उम्मीदें जगी हैं। हालांकि, आयोग के गठन के बावजूद कर्मचारियों को तत्काल बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिलेगा।
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। 1990 बैच के आईएएस अधिकारी पंकज जैन को सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य होंगे।
कैबिनेट के एक पूर्व नोटिफिकेशन के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। हालांकि, अभी तक आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़ी अपनी सिफारिशें तैयार नहीं की हैं और न ही उन्हें सरकार को सौंपा गया है। ऐसे में 1 जनवरी 2026 से कर्मचारियों के वेतन में अपने आप कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
सरकारी प्रक्रिया के मुताबिक, जब तक वेतन आयोग की सिफारिशें अंतिम रूप से स्वीकार नहीं कर ली जातीं, तब तक संशोधित वेतन लागू नहीं होता। लेकिन यदि सिफारिशों को बाद में मंजूरी मिलती है, तो 1 जनवरी 2026 से लेकर अधिसूचना जारी होने की तारीख तक का अंतर बकाए (एरियर) के रूप में दिया जाएगा।
वेतन ढांचे को लेकर संभावनाओं पर बात करते हुए अर्थशास्त्रियों का कहना है कि न्यूनतम वेतन मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये प्रति माह तक जा सकता है। वहीं, शीर्ष वेतन स्तर पर सालाना कुल वेतन लगभग एक करोड़ रुपये तक पहुंचने की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह बदलाव पिछले वेतन आयोगों में अपनाए गए फिटमेंट फैक्टर और सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन संरचना के रुझानों के अनुरूप माना जा रहा है।
फिलहाल, 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया में है। इन सिफारिशों के सरकार को सौंपे जाने, उनकी समीक्षा और फिर कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही नई वेतन संरचना लागू होगी। तब तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन वृद्धि के लिए इंतजार करना होगा, हालांकि एरियर का लाभ मिलने की संभावना बनी






