तंबाकू उत्पादों पर कड़ा टैक्स, सिगरेट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के आसार
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संवाद 24 डेस्क। देश में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के शौकीनों के लिए बुरी खबर है। संसद ने सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025 को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद सिगरेट, सिगार, हुक्का, खैनी और स्मोकिंग मिक्सचर जैसे उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है। अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, आज जो सिगरेट 18 रुपये में मिल रही है, उसकी कीमत बढ़कर करीब 72 रुपये तक पहुंच सकती है।
टैक्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
नए प्रावधानों के अनुसार सिगरेट पर लगने वाला उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) प्रति 1,000 स्टिक पर 200–735 रुपये से बढ़ाकर 2,700–11,000 रुपये तक कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी सिगरेट की लंबाई और श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग होगी।
वहीं खैनी पर एक्साइज ड्यूटी 25 फीसदी से बढ़कर 100 फीसदी, हुक्का तंबाकू पर 25 से 40 फीसदी, जबकि स्मोकिंग मिक्सचर पर शुल्क 60 फीसदी से बढ़कर 300 फीसदी तक जाने का प्रावधान किया गया है।
महंगाई से छूटेगी लत?
सरकार का मानना है कि तंबाकू उत्पादों की ऊंची कीमतें लोगों को धूम्रपान और तंबाकू सेवन से दूर करने में मदद करेंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इसे जनहित में बड़ा कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि दाम बढ़ने से खासकर युवा वर्ग में सिगरेट की खपत घट सकती है।
सोशल मीडिया पर बहस
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।
कुछ धूम्रपान करने वालों का कहना है कि महंगाई उन्हें मजबूरी में सिगरेट छोड़ने पर मजबूर कर देगी। वहीं कुछ लोगों ने इसे सरकार का जरूरत से ज्यादा दखल बताया है।
मजाकिया प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं—कोई बीड़ी की ओर लौटने की बात कर रहा है तो कोई कह रहा है कि “दिल्ली की हवा ही काफी है।”
असर जल्द दिखेगा बाजार में
जानकारों के अनुसार, बिल के लागू होते ही तंबाकू उत्पादों के दाम तेजी से बढ़ेंगे और इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सिगरेट खरीदना इतना महंगा हो जाएगा कि कई लोग खुद ही इससे दूरी बना लेंगे।
निष्कर्ष: सेंट्रल एक्साइज संशोधन बिल, 2025 के बाद तंबाकू उत्पादों पर शिकंजा कसना तय है। अब देखना होगा कि यह महंगाई लोगों की सेहत सुधारने में कितनी कारगर साबित होती है या फिर इसके नए विकल्प बाजार में उभरते हैं।






