3 घंटे में चेक क्लियरेंस पर अभी इंतजार : RBI ने फेज-2 टाला, नई तारीख का ऐलान नहीं
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संवाद 24 नई दिल्ली। सिर्फ तीन घंटे में चेक क्लियरेंस की सुविधा के लिए ग्राहकों को फिलहाल और इंतजार करना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने तेज चेक क्लियरेंस फ्रेमवर्क के फेज-2 को लागू करने की समयसीमा आगे बढ़ा दी है। यह फेज 3 जनवरी 2026 से शुरू होना था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
आरबीआई ने अपने बयान में कहा कि फेज-2 को टालने का निर्णय बैंकों को अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं और सिस्टम को और बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से लिया गया है। फिलहाल, तेज क्लियरेंस सिस्टम का फेज-1 पहले की तरह जारी रहेगा, जिसे इसी वर्ष लागू किया गया था।
चेक जमा और पुष्टि का नया समय
आरबीआई के अनुसार, चेक जमा करने की समयसीमा में बदलाव किया गया है।
चेक जमा करने का समय: सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक
बैंकों द्वारा कन्फर्म/रिजेक्ट का समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
फेज-2 में क्या बदलना था
प्रस्तावित फेज-2 दिशानिर्देशों के तहत, काउंटर पर जमा किए गए चेक को सिर्फ तीन घंटे के भीतर क्लियर या रिजेक्ट करना अनिवार्य होता। तय समय में जवाब न मिलने पर चेक स्वतः स्वीकृत और सेटल माना जाता। इससे भुगतान की गति बढ़ने की उम्मीद थी।
CTS के तहत चल रही मौजूदा व्यवस्था
आरबीआई ने चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) के जरिए चेक क्लियरेंस को तेज करने की दिशा में कदम उठाया है। CTS में चेक की फिजिकल आवाजाही की जरूरत नहीं होती; डिजिटल इमेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के आधार पर क्लियरेंस किया जाता है।
4 अक्टूबर 2025 से लागू फेज-1 में दिनभर चेक जमा करने के लिए एक निरंतर विंडो दी गई, जहां बैंक चेक स्कैन कर तुरंत इमेज और MICR डेटा क्लियरिंग हाउस को भेजते हैं, बिना फिक्स्ड बैच का इंतजार किए।
ड्रॉई बैंक को इमेज मिलने पर वह इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्वीकृति या अस्वीकृति भेजता है। निर्धारित कन्फर्मेशन विंडो तक कोई प्रतिक्रिया न आने पर चेक को स्वीकृत मानकर निपटारा किया जाता है।
अब आगे क्या
फेज-2 के स्थगन के साथ, चेक क्लियरेंस मौजूदा फेज-1 व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगा। आरबीआई ने फिलहाल फेज-2 की नई लागू तारीख की घोषणा नहीं की है।






