अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच भारत-ब्राजील करीब : जनवरी में भारत आ सकते हैं राष्ट्रपति लूला, बड़े समझौतों के संकेत
Share your love

संवाद 24 डेस्क। वैश्विक व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद और अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच भारत और ब्राजील रणनीतिक तौर पर एक-दूसरे के करीब आते दिख रहे हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के जनवरी के अंत या फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत दौरे की संभावना है। प्रस्तावित यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई अहम समझौते हो सकते हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा भारत-ब्राजील द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। दोनों देश उन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं, जो अमेरिकी टैरिफ नीतियों से सबसे अधिक प्रभावित रही हैं। ऐसे में वैकल्पिक बाजारों, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और आपसी निवेश बढ़ाने जैसे विकल्पों पर गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है।
रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बातचीत में रक्षा सहयोग, ऊर्जा, कृषि, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों पर खास जोर रहेगा। भारत और ब्राजील न केवल द्विपक्षीय स्तर पर बल्कि BRICS और G20 जैसे वैश्विक मंचों पर भी करीबी साझेदार हैं। विकासशील देशों के साझा हित, वैश्विक आर्थिक सुधार और बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल रहेंगे।
मोदी-लूला संपर्क पहले से मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच हाल के महीनों में कई बार बातचीत हो चुकी है। दोनों नेता पिछले महीने जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे, जहां भारत-ब्राजील संबंधों में आई प्रगति की समीक्षा की गई। इससे पहले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे मौजूदा वैश्विक हालात में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूती दे सकता है।
संवाद 24 विश्लेषण : यदि यह दौरा तय होता है, तो भारत-ब्राजील संबंध केवल द्विपक्षीय स्तर तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच विकासशील देशों की सामूहिक रणनीति को भी नया आकार दे सकते हैं।






