हर चमकता सोना खरा नहीं होता, शुद्धता की पहचान के ऐसे रहस्य जो जौहरी भी नहीं बताते।

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संवाद 24 (संजीव सोमवंशी)। भारत में सोना सिर्फ धातु नहीं, बल्कि विश्वास, संस्कृति और भावनाओं का संगम है। शादियों की रौनक हो या धनतेरस की पूजा, सोने के बिना हर उत्सव अधूरा सा लगता है। लेकिन यही सोना जब मिलावटी निकल आए, तो खुशियां मातम में बदल जाती हैं। 2025 में भी बाजार में हर तीसरा गहना पूरी तरह शुद्ध नहीं होता, यह चौंकाने वाला आंकड़ा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का है। ऐसे में सवाल उठता है क्या आपका सोना वाकई सोना है? 

सोने की शुद्धता को कैरेट में मापा जाता है, जहां 24 कैरेट का मतलब 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। बाजार में ज्यादातर गहने 22 कैरेट, 18 कैरेट या 14 कैरेट के होते हैं, क्योंकि शुद्ध सोना बहुत नरम होता है और गहने बनाने के लिए तांबा, चांदी या जस्ता मिलाना पड़ता है। लेकिन धोखेबाज इसी मिश्रण में निकल, कैडमियम या पीतल मिलाकर नकली चमक पैदा करते हैं, जो न केवल आपकी जेब खाली करती है, बल्कि त्वचा पर रैशेज और एलर्जी भी पैदा कर सकती है। इसलिए शुद्धता की पहचान सबसे पहला कदम है।

सबसे विश्वसनीय तरीका है BIS हॉलमार्क की जांच। अप्रैल 2021 से भारत में हॉलमार्किंग अनिवार्य हो चुकी है और 2025 में यह 22K, 18K व 14K गहनों पर पूरी तरह लागू है। हॉलमार्क में पांच चिह्न होते हैं BIS का त्रिकोण लोगो, कैरेट अंक जैसे 916 या 750, ज्वेलर का छह अंकों का HUID कोड, वर्ष कोड (2025 के लिए ‘Z’) और अस्से सेंटर का चिह्न। इन चिह्नों को नग्न आंखों या 10X आवर्धक कांच से देखें। सबसे आसान तरीका है BIS Care ऐप डाउनलोड करना और HUID स्कैन करना 5 सेकंड में आपको पूरी सच्चाई पता चल जाएगी। अगर हॉलमार्क गायब है या संदिग्ध लगता है, तो तुरंत दुकान छोड़ दें।

हॉलमार्क के अलावा चुंबक परीक्षण भी एक त्वरित तरीका है। शुद्ध सोना चुंबकीय नहीं होता। अगर गहना चुंबक की ओर खिंचा चला जाए, तो समझिए उसमें लोहा या निकल की मिलावट है। लेकिन यह तरीका पूर्ण विश्वसनीय नहीं, क्योंकि कुछ मिलावटी गहने भी चुंबक को आकर्षित नहीं करते। 

असली परीक्षा तो रासायनिक होती है नाइट्रिक एसिड टेस्ट। ज्वेलर गहने पर हल्की खरोंच लगाकर एसिड की बूंद डालते हैं। अगर रंग नहीं बदलता, तो सोना शुद्ध है। लेकिन घर पर यह परीक्षण कभी न करें, क्योंकि ये एसिड बहुत खतरनाक होता है।

आधुनिक तकनीक ने जांच को और आसान बना दिया है। बड़े ज्वेलरी स्टोर्स में XRF मशीन होती है, जो बिना गहना खराब किए 30 सेकंड में सटीक प्रतिशत बताती है जैसे 91.67 प्रतिशत यानी बिल्कुल 22 कैरेट। BIS मान्यता प्राप्त लैब में यह परीक्षण सबसे भरोसेमंद है। 

पारंपरिक तरीकों में काले पत्थर पर रगड़ना या टकराने की आवाज सुनना शामिल है, लेकिन ये वैज्ञानिक नहीं हैं और धोखे में डाल सकते हैं। घनत्व परीक्षण भी एक विकल्प है, शुद्ध सोने का घनत्व 19.32 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है, लेकिन यह घर पर करना जटिल है।

अब बात खरीदारी की सावधानियों की। सबसे पहले, केवल विश्वसनीय ज्वेलर से खरीदें, बड़े ब्रांड्स या BIS पंजीकृत स्थानीय दुकानदार चुनें। ऑनलाइन खरीदारी में केवल ‘BIS Hallmarked’ और ‘Certified’ विकल्प देखें। खरीद बिल लेना अनिवार्य है, उसमें वजन, कैरेट, HUID, मेकिंग चार्ज, GST और ज्वेलर का पूरा पता लिखा हो। बिल के बिना भविष्य में एक्सचेंज या बिक्री में भारी नुकसान हो सकता है।

कीमत की तुलना करना न भूलें। सोने की बुनियादी कीमत MCX या IBJA वेबसाइट पर रोज अपडेट होती है। ज्वेलर उस पर 3 प्रतिशत GST और मेकिंग चार्ज जोड़ता है। मेकिंग चार्ज 8 से 15 प्रतिशत तक सामान्य है, लेकिन 20 प्रतिशत से ज्यादा हो तो सौदेबाजी करें। कुछ ज्वेलर्स ‘वेस्टेज’ भी जोड़ते हैं यह 5 से 8 प्रतिशत तक स्वीकार्य है, लेकिन पुराने गहने एक्सचेंज करते समय इससे बचें। 

स्वर्णिम योजनाओं में मासिक किश्त देने से पहले नियम अच्छे से पढ़ें। क्या ब्याज मिलेगा? क्या लॉक-इन पीरियड है? कई योजनाएं धोखाधड़ी की शिकार हो चुकी हैं।

स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। निकल मिलावट से एलर्जी होती है, इसलिए 18 कैरेट से ऊपर का सोना चुनें। घर पर सोने को बीमित लॉकर में रखें। बिक्री या एक्सचेंज नीति पहले ही समझ लें कुछ ज्वेलर्स 95 प्रतिशत मूल्य देते हैं, कुछ केवल 80 प्रतिशत। छोटे गहनों (2 ग्राम से कम) पर हॉलमार्किंग छूट है, लेकिन फिर भी सावधानी बरतें।

अंत में, सोना खरीदना सिर्फ वित्तीय निर्णय नहीं, बल्कि भावनात्मक निवेश है। लेकिन बिना जांच के यह जोखिम बन सकता है। BIS हॉलमार्क, वैध बिल, XRF टेस्ट और विश्वसनीय ज्वेलर, ये चार स्तंभ आपकी सुरक्षा की गारंटी हैं। 2025 में BIS Care ऐप और HUID स्कैनर ने प्रक्रिया को बच्चों का खेल बना दिया है। स्मार्ट खरीददार बनिए देखिए, जांचिए, सत्यापित कीजिए, फिर निवेश कीजिए। क्योंकि सच्चा सोना वही है, जो जांच में खरा उतरे। यही वो विरासत है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चमकती रहेगी।

Samvad 24 Office
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