टैरिफ के बीच भारत का निर्यात मजबूत, चीन को एक्सपोर्ट में जबरदस्त उछाल; अमेरिका में दिखा दबाव
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संवाद 24 बिज़नेस डेस्क। वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी टैरिफ के असर के बावजूद भारत के निर्यात मोर्चे पर मजबूती बनी हुई है। दिसंबर 2025 में भारत से वस्तुओं का निर्यात सालभर पहले के मुकाबले 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 अरब डॉलर रहा। हालांकि इस दौरान अमेरिका को निर्यात में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन चीन समेत अन्य बाजारों में तेज उछाल ने कुल आंकड़ों को सहारा दिया है।
वाणिज्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में कुल आयात 8.7 प्रतिशत बढ़कर 63.55 अरब डॉलर रहा। सोने के आयात में करीब 12 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद, आयात बढ़ने से व्यापार घाटा बढ़कर 25.04 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 20.6 अरब डॉलर था।
चीन को निर्यात में तेज उछाल
दिसंबर में चीन को भारत का निर्यात 67.35 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी के साथ 2.047 अरब डॉलर पहुंच गया। इसी दौरान चीन से आयात भी 20.01 प्रतिशत बढ़कर 11.69 अरब डॉलर रहा। यह आंकड़े दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ती रफ्तार को दर्शाते हैं।
अमेरिका में निर्यात दबाव में
दिसंबर में अमेरिका को भारत का निर्यात 1.83 प्रतिशत घटकर 6.886 अरब डॉलर रहा। अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद सितंबर से दिसंबर के बीच अमेरिका को भारत का कुल निर्यात 25.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के 25.8 अरब डॉलर से थोड़ा कम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी शुल्क नीतियों का असर भारतीय निर्यातकों पर दिख रहा है।
अप्रैल–दिसंबर में सकारात्मक तस्वीर
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत का कुल वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब डॉलर हो गया है। इसी अवधि में आयात में 12.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। दिसंबर में चांदी का आयात 79.66 प्रतिशत बढ़कर 758 मिलियन डॉलर पहुंच गया।
‘चुनौतियों के बावजूद निर्यात मजबूत’
वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात मजबूत बना हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चालू वित्त वर्ष में वस्तु निर्यात 450 अरब डॉलर के पार जा सकता है और सेवाओं सहित कुल निर्यात 850 अरब डॉलर से ज्यादा रहने की संभावना है।
निर्यातक संगठन एफआईईओ के अध्यक्ष S C Ralhan ने कहा कि अप्रैल-दिसंबर के दौरान निर्यात में बढ़ोतरी भारतीय निर्यातकों की क्षमता और लचीलापन दर्शाती है।
किन सेक्टरों में गिरावट, किनमें बढ़त
दिसंबर में पेट्रोलियम उत्पादों, जेम्स एंड जूलरी, चावल, प्लास्टिक और लेदर उत्पादों के निर्यात में गिरावट आई। वहीं इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स के निर्यात में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
कुल मिलाकर, टैरिफ और वैश्विक दबावों के बीच भारत का निर्यात संतुलित रुख दिखा रहा है, जहां चीन जैसे बाजारों में तेजी अमेरिका में आई नरमी की भरपाई करती नजर आ रही है।






