
इतिहास की अवहेलना नहीं बल्कि उसका पुनर्स्थापन, जब एक हिस्से का नाम बदला गया, तब इतिहास भी बदला गया: ‘कांपिल्य’ की पुनर्प्रतिष्ठा क्यों जरूरी
संवाद 24 संजीव सोमवंशी। किसी भी सभ्यता में नगरों और क्षेत्रों के नाम केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं रखे जाते, वे उस समाज की ऐतिहासिक स्मृति, सांस्कृतिक निरंतरता और आत्मसम्मान का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत जैसे प्राचीन राष्ट्र में…




