
कुशाग्र को इंसाफ मां बोलीं जिस तरह मेरे बेटे की सांसें छीनी गईं, उसी तरह दोषियों को सजा मिले
संवाद 24 संवाददाता। जिस बेटे को मैंने गोद में खिलाया, वही आज मेरी गोद में हमेशा के लिए सो रहा था। उस दृश्य को याद करती हूं तो आज भी रूह कांप जाती है। यह शब्द हैं उस मां के,…









