गंगा में मिला 10 फीट लंबा जलीय जीव, डाल्फिन होने पर विभागों में मतभेद वन विभाग ने बताया डाल्फिन, प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने जताई असहमति

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संवाद 24 संवाददाता। जाजमऊ स्थित गंगा पुल के नीचे गंगा नदी में करीब 10 फीट लंबा एक विशाल जलीय जीव मृत अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची जाजमऊ पुलिस ने नाविकों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मृत जलीय जीव गंगा डॉल्फिन है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इस दावे से साफ इन्कार किया है। दोनों विभागों के अलग-अलग दावों के चलते यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस जलीय जीव की वास्तविक प्रजाति और मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

माघ स्नान से पहले घटना ने बढ़ाई चिंता
तीन जनवरी से प्रयागराज में शुरू हो रहे माघ स्नान को लेकर गंगा की स्वच्छता पर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। मुख्यमंत्री स्तर तक निर्देश दिए गए हैं कि गंगा में किसी भी तरह का प्रदूषण न जाने पाए। ऐसे समय में जाजमऊ के पास गंगा में इतना बड़ा जलीय जीव मृत मिलना प्रशासन और पर्यावरण से जुड़े विभागों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर शव मिला है, वहां आम दिनों में गंगा जल में प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है। हालांकि माघ मेले को देखते हुए 31 दिसंबर से जाजमऊ की टेनरियों को बंद करा दिया गया है। इसके बावजूद लोग आशंका जता रहे हैं कि प्रदूषण के कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी से इस जलीय जीव की मौत हो सकती है।

शव 2–3 दिन पुराना, वजन साढ़े तीन क्विंटल
पुलिस और वन विभाग के अनुसार मृत जलीय जीव का वजन लगभग साढ़े तीन क्विंटल है और शव करीब दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि शव को वन विभाग के रेंजर राकेश पांडेय को सौंप दिया गया है।

प्रदूषण विभाग का दावा, यह डाल्फिन नहीं
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन ने वन विभाग के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह जलीय जीव डाल्फिन नहीं, बल्कि किसी अन्य प्रजाति की मछली प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल गंगा में प्रदूषण की मात्रा न के बराबर है, ऐसे में प्रदूषण के कारण किसी जलीय जीव की मौत कहना सही नहीं होगा। संभव है कि किसी अन्य कारण से इसकी मृत्यु हुई हो।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
गौरतलब है कि बिहार और उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली गंगा डॉल्फिन को ‘सोंस’ के नाम से भी जाना जाता है और यह एक संरक्षित जलीय जीव है। यदि मृत जीव डॉल्फिन निकलता है तो यह मामला और गंभीर हो सकता है।

फिलहाल सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि मृत जीव किस प्रजाति का है और उसकी मौत किन कारणों से हुई।

Pavan Singh
Pavan Singh

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