KG-D6 विवाद पर रिलायंस का खंडन, 30 अरब डॉलर के हर्जाने की खबरों को बताया गलत
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संवाद 24 डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सोमवार को उन खबरों का औपचारिक रूप से खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने KG-D6 गैस क्षेत्र से कथित कम उत्पादन को लेकर रिलायंस और उसकी साझेदार BP से 30 अरब डॉलर का हर्जाना मांगा है। कंपनी ने कहा कि इस तरह की रिपोर्टें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और भ्रामक जानकारी पर आधारित हैं।
रिलायंस के बयान के अनुसार, सरकार की ओर से KG-D6 ब्लॉक के संबंध में किया गया दावा 30 अरब डॉलर का नहीं, बल्कि लगभग 24.7 करोड़ डॉलर (247 मिलियन डॉलर) का है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह राशि उसके वार्षिक ऑडिटेड वित्तीय विवरणों में प्रकटीकरण नियमों के तहत पहले से दर्ज और सार्वजनिक की जा चुकी है।
यह स्पष्टीकरण एक मीडिया रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें कहा गया था कि भारत सरकार ने रिलायंस और BP से 30 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा है और इसे किसी भारतीय कंपनी पर लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा हर्जाना बताया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि यह दावा KG-D6 गैस क्षेत्र में अपेक्षित उत्पादन हासिल न होने से जुड़ा है।
रिलायंस ने कहा कि संबंधित मामला अभी विचाराधीन है और देश की न्यायिक प्रक्रिया के तहत इसका निपटारा किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, उसने अपनी साझेदार BP के साथ मिलकर हर चरण में संविदात्मक और कानूनी दायित्वों का पालन किया है।
कंपनी ने रिपोर्ट में तथ्यों के गलत प्रस्तुतीकरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि “हमारे ऊपर 30 अरब डॉलर का कोई दावा नहीं है” और इस तरह की खबरें निवेशकों तथा सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में भ्रम पैदा कर सकती हैं।
इस मामले से जुड़े आंकड़ों और दावों को लेकर सरकारी पक्ष की ओर से फिलहाल कोई नया बयान जारी नहीं किया गया है, जबकि रिलायंस ने दोहराया है कि उसका रुख पहले से दर्ज आधिकारिक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप है।






