
संवाद 24 डेस्क। आतंकी संगठन हमास ने सोमवार को पहली बार स्वीकार किया कि उसका लंबे समय से सार्वजनिक चेहरा और प्रवक्ता अबू ओबैदा इजरायली हमले में मारा गया है। हमास के अनुसार, अबू ओबैदा की मौत अगस्त के अंत में हुई थी।
हमास के बयान में कहा गया कि अबू ओबैदा सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता इजरायली कार्रवाई में मारे गए। अबू ओबैदा हमास के तथाकथित सैन्य विंग इज्जदीन अल-कसम ब्रिगेड का प्रवक्ता था और संगठन के प्रचार अभियानों में प्रमुख भूमिका निभाता था।
इजरायली सुरक्षा बलों ने 31 अगस्त को अबू ओबैदा की मौत की पुष्टि की थी। इजरायली डिफेंस फोर्सेज और शिन बेट ने उस समय संयुक्त रूप से कहा था कि गाजा में की गई लक्षित कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। हालांकि, हमास ने तब इन दावों की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की थी।
सोमवार को जारी बयान में हमास ने यह भी बताया कि मोहम्मद सिनवार, हखम मुहम्मद इस्सा अल-इस्सा, मुहम्मद शबाना और राद साद की भी इजरायली हमलों में मौत हुई है। संगठन ने यह स्पष्ट किया कि नए प्रवक्ता ने “अबू ओबैदा” का उपनाम अपने पूर्ववर्ती से “विरासत में” लिया है। हमास के अनुसार, पूर्व प्रवक्ता का कानूनी नाम हुथैफा समीर अब्दुल्ला अल-कहलाउट था।
यह घोषणा ऐसे समय पर सामने आई है जब हमास के भीतर नेतृत्व चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। संगठन के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, खलील अल-हय्या और खालिद मशाल शीर्ष पद की दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं। इससे पहले, इजरायल ने हमास प्रमुख इस्माइल हनियेह को 31 जुलाई 2025 को तेहरान में मारे जाने का दावा किया था।
अबू ओबैदा को हमास के प्रचार अभियानों का चेहरा माना जाता था। वह अक्सर लाल केफिया ओढ़े वीडियो संदेशों में दिखाई देता था और संगठन की सैन्य कार्रवाइयों से जुड़ी जानकारी अपने समर्थक चैनलों पर साझा करता था। हमास के अनुसार, उसे वर्ष 2006 में अल-कसम ब्रिगेड का प्रवक्ता नियुक्त किया गया था।






