आगरा मेट्रो को मिली रफ्तार, आईएसबीटी से मन:कामेश्वर तक अप लाइन का कार्य पूरा
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संवाद 24 संवाददाता। आगरा मेट्रो परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने आईएसबीटी से मन:कामेश्वर मेट्रो स्टेशन तक अप लाइन में ट्रैक बिछाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसके साथ ही ताज से सिकंदरा के बीच बन रहे प्रथम कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन में मेट्रो संचालन की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसी सप्ताह मन:कामेश्वर स्टेशन से आगे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन शुरू कर दिया जाएगा।
प्रायोरिटी सेक्शन में मन:कामेश्वर स्टेशन से आईएसबीटी तक अप और डाउन लाइन को मिलाकर लगभग 12 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाना है। फिलहाल अप लाइन का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि डाउन लाइन में भी 50 प्रतिशत से अधिक ट्रैक बिछाया जा चुका है। इसके साथ-साथ इस सेक्शन में थर्ड रेल, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी कार्य भी समानांतर रूप से किए जा रहे हैं, जिससे परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
यूपीएमआरसी अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल रन सफल रहने के बाद इस हिस्से में जल्द ही नियमित मेट्रो संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे आगरा के नागरिकों को जाम से राहत मिलेगी और शहर में सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था और मजबूत होगी। वहीं, आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर में भी काम तेजी से जारी है। आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक प्रस्तावित इस कॉरिडोर में निर्माण कार्य तय समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
ऐसे तैयार होता है भूमिगत मेट्रो ट्रैक
भूमिगत मेट्रो निर्माण एक जटिल लेकिन आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रक्रिया है। इसमें सबसे पहले मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाता है। इसके बाद लॉन्चिंग शाफ्ट तैयार कर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को जमीन के भीतर उतारा जाता है। टीबीएम के माध्यम से गोलाकार टनल बनाई जाती है।
चूंकि टनल का आकार गोल होता है, इसलिए सीधे पटरियां बिछाना संभव नहीं होता। इसके लिए पहले ट्रैक स्लैब की कास्टिंग की जाती है और फिर उस पर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया जाता है। इस प्रणाली में कंक्रीट बीम पर पटरियां लगाई जाती हैं, जो पारंपरिक ट्रैक की तुलना में अधिक मजबूत होती हैं और इनके रखरखाव की आवश्यकता भी कम पड़ती है।
आगरा मेट्रो परियोजना के इस चरण के पूरा होने से शहर को आधुनिक, सुरक्षित और तेज सार्वजनिक परिवहन की सौगात मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।






