रेल यात्रियों पर महंगाई की मार : आज से लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा महंगी, जानिए नया किराया ढांचा
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संवाद 24 नई दिल्ली। रेल से सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर है। Indian Railways ने यात्री ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी लागू कर दी है। यह फैसला आज से प्रभावी हो गया है। किराए में यह इजाफा केवल लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर लागू होगा, जबकि लोकल ट्रेनों, उपनगरीय सेवाओं और मासिक सीजन टिकट धारकों को इससे बाहर रखा गया है।
कितना बढ़ा किराया
रेलवे के अनुसार, साधारण श्रेणी (सेकंड क्लास ऑर्डिनरी) में 215 किलोमीटर तक की यात्रा पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन 215 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने पर प्रति किलोमीटर 1 पैसा अतिरिक्त देना होगा।
मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-एसी कोचों के साथ-साथ सभी एसी श्रेणियों में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसका असर लंबी दूरी की यात्रा पर सीमित रूप से पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर 500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा पर किराया लगभग 10 रुपये बढ़ेगा।
सेकंड क्लास ऑर्डिनरी में नया ढांचा
रेलवे द्वारा जारी विवरण के अनुसार सेकंड क्लास ऑर्डिनरी किराया अब इस प्रकार होगा—
215 किमी तक: कोई बढ़ोतरी नहीं
216 से 750 किमी: 5 रुपये अतिरिक्त
751 से 1,250 किमी: 10 रुपये अतिरिक्त
1,251 से 1,750 किमी: 15 रुपये अतिरिक्त
1,751 से 2,250 किमी: 20 रुपये अतिरिक्त
लोकल यात्रियों को राहत
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि लोकल ट्रेनों, शॉर्ट डिस्टेंस यात्रा और मासिक सीजन टिकट के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर नए फैसले का असर नहीं पड़ेगा।
बढ़ते खर्च बने वजह
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बीते एक दशक में रेलवे नेटवर्क, ट्रेनों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्थाओं में बड़ा विस्तार हुआ है। इसके साथ ही परिचालन लागत में भी लगातार इजाफा हुआ है।
कर्मचारियों पर खर्च बढ़कर करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि पेंशन मद में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे की कुल परिचालन लागत 2.63 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई।
राजस्व बढ़ाने की कोशिश
किराए में इस सीमित बढ़ोतरी से रेलवे को चालू वित्त वर्ष में लगभग 600 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है। इसके साथ ही रेलवे माल ढुलाई बढ़ाने और गैर-किराया आय के स्रोतों को मजबूत करने पर भी काम कर रहा है। इसके तहत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर कमर्शियल गतिविधियों और ब्रांडेड आउटलेट्स को बढ़ावा देने की योजना पर विचार किया जा रहा






