कानपुर: गंगा बैराज पर चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार कार ने पुलिसकर्मियों को रौंदा, तीन घायल, CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा बैराज पर मंगलवार शाम एक सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। वाहन चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर एक तेज रफ्तार कार ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए जानबूझकर टक्कर मार दी। इस हादसे में दो सब-इंस्पेक्टर और एक होमगार्ड समेत तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपित कार सवार मौके से फरार हो गए, लेकिन घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
घटना शाम करीब 6:30 बजे की है। कोहना पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम गंगा बैराज पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान नवाबगंज-उन्नाव की ओर से एक काले रंग की हुंडई ऑरा कार आती दिखी, जिसमें चार युवक सवार थे। पुलिस ने कार को रोकने का इशारा किया। पहले तो कार की रफ्तार धीमी हुई, लेकिन अचानक चालक ने एक्सीलेटर दबा दिया और बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए पुलिसकर्मियों की ओर कार दौड़ा दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन बैरिकेड्स उड़ गए और पुलिसकर्मी दूर जा गिरे। घायलों में अटल घाट चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार, सब-इंस्पेक्टर पूरन सिंह और होमगार्ड हरिप्रकाश (या हरकिशन) शामिल हैं। सब-इंस्पेक्टर पूरन सिंह के बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि होमगार्ड को गंभीर चोटें आईं। संजय कुमार को मामूली चोटें आने के बाद प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई। सभी घायलों को तुरंत हैलेट (एलएलआर) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी वारदात – घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरोपित कार सवार बैराज-बिठूर मार्ग से इस्कॉन मंदिर की ओर भाग निकले। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) आशुतोष कुमार ने बताया, “कोहना पुलिस संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी यह हुंडई ऑरा कार बैरियर तोड़कर पुलिसकर्मियों पर चढ़ाने का प्रयास करते हुए फरार हो गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की तलाश की जा रही है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।”
पुलिस का मानना है कि कार सवारों में कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के लोग हो सकते हैं, जो किसी वारदात को अंजाम देने के बाद भाग रहे थे। गंगा बैराज स्टंटबाजी और तेज रफ्तार वाहनों का हॉटस्पॉट रहा है, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में यहां डीएम और अधिकारियों ने चेकिंग अभियान चलाया था।
यह घटना कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा की जरूरत को रेखांकित करती है। पुलिस अब डिजिटल सर्विलांस और वाहन नंबर ट्रेसिंग के जरिए आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।






