सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने लिया अंगदान का संकल्प, देश में मिसाल कायम
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मां की पुण्यतिथि पर लिया निर्णय, मृत्यु उपरांत शरीर के प्रमुख अंग और ऊतक दान करने की घोषणा
संवाद 24 फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद सदर से विधायक एवं सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति के सभापति मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कदम उठाते हुए अपने निधन के बाद अंगदान का संकल्प लिया है। यह निर्णय उन्होंने अपनी माता स्वर्गीय प्रभा द्विवेदी, पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, की 21वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर लिया।
मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने घोषणा की है कि वे अपने देहांत के उपरांत शरीर के प्रमुख अंगों और ऊतकों का दान करेंगे। जिन अंगों और टिश्यू को दान करने का उन्होंने संकल्प लिया है, उनमें किडनी, पैंक्रियाज, लिवर, आँतें, हृदय, फेफड़े, अस्थियाँ, हृदय के वाल्व, त्वचा, आँखों की कोर्निया, अस्थि मज्जा और रक्त धमनियाँ शामिल हैं। भारत सरकार द्वारा उन्हें इसी दिन अंगदान से संबंधित स्वीकृति और पंजीकरण प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया है।
पंजीकरण प्रमाण पत्र में आपात स्थिति के लिए संपर्क व्यक्ति के रूप में उनकी पत्नी अनीता द्विवेदी का मोबाइल नंबर दर्ज किया गया है। यह पहल न केवल सामाजिक जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि अंगदान को लेकर समाज में सकारात्मक संदेश भी देती है।
राजनीतिक व्यस्तताओं और 21 तारीख को मुख्यमंत्री के साथ लखनऊ में बैठकों के कारण इस वर्ष फर्रुखाबाद में प्रभा द्विवेदी की स्मृति में पारंपरिक हवन का आयोजन नहीं हो सका। इसके स्थान पर लखनऊ स्थित आर्य समाज मंदिर में हवन कराया गया, जिसमें परिवारजनों और शुभचिंतकों ने सहभागिता की।
इसके अतिरिक्त, पूर्व मंत्री प्रभा द्विवेदी की स्मृति में डॉ. शिव ओम अम्बर के आवास पर एक कवि गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें विधायक की पत्नी अनीता द्विवेदी उपस्थित रहीं और उन्होंने परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
मृत्यु उपरांत अंगदान का संकल्प लेने वाले मेजर सुनील दत्त द्विवेदी देश के संभवतः पहले विधायक माने जा रहे हैं। उनका यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा बनने के साथ-साथ अंगदान जैसे संवेदनशील विषय पर जनजागरूकता को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।






