महाठग रवींद्रनाथ सोनी मामले में ईडी की एंट्री: सोनू सूद और सूरज जुमानी की बढ़ी मुश्किलें

संवाद 24 संवाददाता। दिल्ली के रहने वाले रवींद्रनाथ सोनी द्वारा कथित तौर पर चलाए गए अंतरराष्ट्रीय निवेश घोटाले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। यह मामला, जिसमें दुबई स्थित ‘ब्लू चिप’ कंपनी के जरिए 10 देशों के सैकड़ों लोगों से करीब 1500 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है, अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हाथों में जाने वाला है। ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस से मामले की पूरी जानकारी मांगी है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन की गहन जांच की उम्मीद बढ़ गई है।

रवींद्रनाथ सोनी को नवंबर 2025 के अंत में देहरादून से गिरफ्तार किया गया था, जब वह एक फूड डिलीवरी ऑर्डर ट्रैक करने के चक्कर में पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस जांच में सामने आया कि सोनी ने ‘ब्लू चिप’ ब्रांड की कई शेल कंपनियां बनाईं और निवेशकों को 30-40 प्रतिशत सालाना रिटर्न का लालच देकर ठगा। शुरुआती कुछ महीनों में ब्याज देकर विश्वास जीता, फिर फरार हो गया। अब तक 12 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, और दुबई, अमेरिका, जापान समेत कई देशों से पीड़ित सामने आ रहे हैं। हाल ही में दुबई से दो भारतीय मूल के निवेशकों ने कानपुर पहुंचकर 2.5 करोड़ और 4 करोड़ की ठगी की शिकायत दर्ज कराई।

मामले की सबसे चर्चित पहलू है सेलिब्रिटी कनेक्शन। पुलिस को सोनी के साथ बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद, रेसलर द ग्रेट खली, अभिनेता विवेक ओबरॉय, डीनो मोरिया, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, जैकलीन फर्नांडेज, पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन और कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत कई हस्तियों की तस्वीरें और वीडियो मिले हैं। इनका इस्तेमाल कथित तौर पर निवेशकों को लुभाने के लिए किया गया। सोनू सूद और खली को नोटिस भेजे गए हैं, लेकिन उन्होंने अभी बयान दर्ज नहीं कराए। सोनू सूद ने अपने वकीलों के जरिए पुलिस को लिखित जवाब दिया है कि उनका संबंध सिर्फ दो प्रमोशनल इवेंट्स तक था, जो 2022 में दुबई में हुए थे, और रवींद्रनाथ सोनी या कंपनी से कोई बिजनेस रिश्ता नहीं है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया।

वहीं, अभिनेता और मोटिवेशनल स्पीकर सूरज जुमानी की भूमिका सबसे संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार, जुमानी सोनी के करीबी साथी हैं और कुछ मुकदमों में सह-आरोपी भी हैं। वह पहले खुद को पीड़ित बताकर पुलिस कमिश्नर से मिले थे, लेकिन बाद में सोनी से जेल में मिलने और दुबई भागने के आरोप लगे। जांच में जुमानी से जुड़े करोड़ों के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, और वह अभी दुबई में हैं। पुलिस उन्हें भारत लाने की कोशिश कर रही है।

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सोनी के देहरादून वाले घर से बरामद मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। इससे और बड़े नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस ने क्रिप्टो वॉलेट में अरबों के ट्रांजेक्शन ट्रेस किए हैं, और दुबई की एक जांच एजेंसी भी सोनी से पूछताछ के लिए भारत आने वाली है।

यह मामला सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं है—यह सेलिब्रिटी इमेज के दुरुपयोग, अंतरराष्ट्रीय पोंजी स्कीम और डिजिटल फ्रॉड का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। ईडी की एंट्री से जांच और गहराएगी, और कई हस्तियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीड़ितों का कहना है कि सेलिब्रिटी चेहरों ने उन्हें भरोसा दिलाया, लेकिन अब न्याय की उम्मीद है। मामले की अगली सुनवाई और ईडी की रिपोर्ट का इंतजार है।

Pavan Singh
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