दमघोंटू हवा में घिरी दिल्ली-एनसीआर : AQI 447, GRAP-4 लागू, उड़ानों पर भी असर
Share your love

संवाद 24 डेस्क। राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण ने खतरनाक स्तर पार कर लिया है। जहरीली धुंध की मोटी चादर ने पूरे इलाके को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 447 तक पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
सीपीसीबी के अनुसार, शहर के कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया। आरके पुरम में स्थिति सबसे बदतर रही, जहां AQI 447 रिकॉर्ड किया गया। वहीं आनंद विहार और विवेक विहार में यह आंकड़ा 442 तक पहुंच गया। द्वारका सेक्टर-8 में AQI 429, ओखला में 422 और पंजाबी बाग में 418 दर्ज किया गया, जो सभी क्षेत्रों में हवा के अत्यधिक प्रदूषित होने का संकेत है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 के सभी कड़े प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं। इसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कार्यों पर रोक लगा दी गई है, साथ ही वाहनों की आवाजाही पर भी सख्ती की गई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि कोहरे और हवाओं की गति बेहद कम रहने के कारण फिलहाल प्रदूषण से राहत के आसार कम नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में स्थिर हवाएं और घना कोहरा प्रदूषक कणों को वातावरण में ही फंसा देता है, जिससे हवा और अधिक जहरीली हो जाती है। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
प्रदूषण और कम दृश्यता का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। पालम एयरपोर्ट क्षेत्र में विजिबिलिटी घटने के कारण कई उड़ानों के संचालन पर प्रभाव देखा गया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, मास्क का प्रयोग करें और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर स्वच्छ हवा की चुनौती को सामने लाकर खड़ा कर रहा है, जिस पर दीर्घकालिक और प्रभावी उपायों की जरूरत महसूस की जा रही है।






