दिल्ली में पॉल्यूशन इमरजेंसी: 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य, मजदूरों को ₹10 हजार मुआवजा; GRAP-4 के साथ और सख्त होंगे नियम
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संवाद 24 डेस्क: दिल्ली में जानलेवा वायु प्रदूषण को देखते हुए भाजपा सरकार ने बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। बुधवार को ऐलान किया गया कि सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य होगा। यानी अब हर दफ्तर में केवल आधे कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे, बाकी घर से काम करेंगे। यह नियम गुरुवार से लागू होंगे।
किन सेवाओं को छूट
दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हेल्थकेयर, फायर सर्विस, जेल प्रशासन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट और अन्य आवश्यक सेवाओं को इस नियम से छूट दी गई है, ताकि जरूरी कामकाज प्रभावित न हो।
निर्माण मजदूरों को ₹10,000 मुआवजा
मंत्री ने बताया कि दिल्ली में 16 दिनों तक GRAP-3 लागू रहा, जिसके चलते निर्माण कार्य बंद रहे और दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने फैसला लिया है कि सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में ₹10,000 का मुआवजा सीधे ट्रांसफर किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि GRAP-4 लागू रहने तक इसी तरह मुआवजा दिया जाता रहेगा, ताकि मजदूरों को राहत मिल सके।
18 दिसंबर से GRAP-4 लागू
दिल्ली-NCR में 18 दिसंबर सुबह 8 बजे से GRAP का चौथा चरण (GRAP-4) लागू कर दिया जाएगा। इसके तहत:
- दूसरे राज्यों से आने वाले भारी वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक
- केवल BS-6 मानक वाले वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश
- निर्माण सामग्री के परिवहन पर सख्त पाबंदी
- नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और वाहन सीज करने की कार्रवाई
दिल्ली की हवा बेहद खराब, दुनिया का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर
दिल्ली की हवा में जहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह AQI 328 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि यह मंगलवार के AQI 377 से थोड़ा बेहतर है, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं।
सुबह 9 बजे तक:
- 40 में से 30 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
- बवाना में सबसे ज्यादा AQI 376
- स्मॉग और कोहरे के कारण कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम
स्विस एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कंपनी IQAir के मुताबिक:
- लाहौर (AQI 425) सबसे प्रदूषित शहर
- सारायेवो (AQI 406) दूसरे नंबर पर
- दिल्ली (AQI 378) तीसरे नंबर पर रही
पर्यावरण मंत्री ने मांगी माफी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण न हो पाने को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने माना कि प्रदूषण का बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती AAP सरकार की नीतियों के कारण यह समस्या और गंभीर हुई।
PUC के बिना नहीं मिलेगा फ्यूल
सरकार ने और सख्त कदम उठाते हुए ऐलान किया कि:
- गुरुवार से बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को दिल्ली में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा
- पेट्रोल पंपों पर सख्ती से जांच होगी
- नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय
कुल मिलाकर
दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने वर्क फ्रॉम होम, मुआवजा, वाहन प्रतिबंध, निर्माण रोक और PUC अनिवार्यता जैसे कदम उठाए हैं। हालांकि हालात अभी भी गंभीर हैं और आने वाले दिनों में और सख्ती की संभावना जताई जा रही है।






