कानपुर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत: गोल चौराहे से रामादेवी तक 1500 करोड़ की एलिवेटेड रोड, नए साल में शुरू हो सकता है काम
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर शहर के यातायात ढांचे को नई दिशा देने वाली एक बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। गोल चौराहे से रामादेवी तक प्रस्तावित 10.2 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को लेकर अंतिम मुहर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। लखनऊ स्थित मुख्यालय से फाइल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली भेज दी गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि नए साल की शुरुआत में डीपीआर के साथ-साथ परियोजना के बजट को भी हरी झंडी मिल जाएगी।
करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह एलिवेटेड रोड कानपुर के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं मानी जा रही है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार गोल चौराहा, विजय नगर, किदवई नगर और रामादेवी क्षेत्र में रोजाना लगने वाले भीषण जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। परियोजना के पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा और यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
हालांकि इस परियोजना की राह आसान नहीं रही। इसकी डीपीआर तैयार होने की प्रक्रिया लंबी और विवादित रही है। जनवरी 2024 में डीपीआर बनाने का काम शुरू हुआ था, जिसे हेक्सा कंपनी को नवंबर 2024 तक पूरा कर विभाग को सौंपना था। लेकिन लगातार तकनीकी संशोधनों और बदलावों के कारण यह प्रक्रिया लगभग 15 महीने पीछे खिसक गई। बीते 21 महीनों में डीपीआर को करीब 20 बार संशोधित किया गया, जिसके बाद अब 500 पन्नों की विस्तृत और संशोधित डीपीआर तैयार की गई है।
पीडब्ल्यूडी एनएच के इंजीनियरों का दावा है कि मंत्रालय स्तर पर तकनीकी परीक्षण के बाद जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो नए साल की शुरुआत में बजट स्वीकृति के साथ ही टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य भी शुरू हो सकता है।
शहरवासियों के लिए यह परियोजना सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि जाम से मुक्ति, समय की बचत और बेहतर शहरी जीवन की उम्मीद लेकर आई है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार की मंजूरी पर टिकी हैं, जिसके बाद कानपुर की यातायात तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जाएगा।






