SBI ने घटाईं FD की ब्याज दरें, ‘अमृत वृष्टि’ स्कीम में अब 6.45% मिलेगा ब्याज
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संवाद 24, बिजनेस डेस्क। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रेपो रेट में हालिया 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद इसका असर अब बैंकिंग सेक्टर में साफ दिखने लगा है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में कमी करने का फैसला किया है।
SBI ने अपनी विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम ‘अमृत वृष्टि’ के तहत मिलने वाले ब्याज में 0.15 प्रतिशत की कटौती की है। अब 444 दिनों की इस FD पर आम ग्राहकों को सालाना 6.45 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, जबकि सीनियर सिटिजन को 6.95 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा।
इसके अलावा बैंक ने 2 साल से अधिक और 3 साल से कम अवधि की FD पर भी ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत की कमी की है। इस श्रेणी में अब ब्याज दर 6.40 प्रतिशत रहेगी, जो पहले 6.45 प्रतिशत थी। SBI की नई ब्याज दरें 15 दिसंबर से प्रभावी होंगी।
‘वीकेयर’ स्कीम में राहत बरकरार
SBI ने सीनियर सिटिजन के लिए चलाई जा रही ‘वीकेयर’ टर्म डिपॉजिट स्कीम की ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। इस स्कीम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल या उससे अधिक अवधि की FD पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता रहेगा।
जानकारी के अनुसार, सीनियर सिटिजन को सामान्य नागरिकों की तुलना में 1 प्रतिशत तक अधिक ब्याज दिया जा रहा है। इस तरह 5 साल या उससे अधिक अवधि की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.05 प्रतिशत तक ब्याज मिल रहा है।
रेपो रेट कटौती का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों को केंद्रीय बैंक से कम ब्याज पर धन मिलने लगता है। ऐसे में बैंक FD पर अधिक ब्याज देकर पैसा जुटाने की जरूरत कम महसूस करते हैं, जिसका सीधा असर जमाकर्ताओं की ब्याज दरों पर पड़ता है।
FD निवेश से जुड़ी अहम बातें
निश्चित रिटर्न: FD में निवेशकों को पहले से तय ब्याज दर मिलती है।
अवधि में विकल्प: FD की अवधि कुछ दिनों से लेकर 10 साल तक हो सकती है।
सुरक्षा: बैंक FD पर ₹5 लाख तक का डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर उपलब्ध है।
लिक्विडिटी: जरूरत पड़ने पर FD समय से पहले तोड़ी जा सकती है, हालांकि पेनल्टी लगती है।
टैक्स लाभ: 5 साल की टैक्स-सेविंग FD पर आयकर की धारा 80C के तहत छूट मिलती है, हालांकि ब्याज पर टैक्स देना होता है।
ब्याज दरों में इस कटौती के बाद निवेशकों को FD में निवेश का फैसला करते समय अपनी जरूरत और अवधि को ध्यान में रखने की सलाह दी जा रही है।






