दिसंबर में विदेशी निवेशकों की बड़ी निकासी, घरेलू निवेशकों ने बाजार को दिया सहारा
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संवाद 24, मुंबई। दिसंबर माह के शुरुआती दिनों में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की सतर्कता साफ दिखाई दी है। फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने दिसंबर के पहले 12 दिनों में करीब ₹17,955 करोड़ की इक्विटी बिकवाली की है। डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल निकासी ₹1.60 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है।
बीते महीने नवंबर में भी एफपीआई ने ₹3,765 करोड़ की बिक्री की थी। हालांकि अक्टूबर में ₹14,610 करोड़ का निवेश कर उन्होंने कुछ समय के लिए बाजार में भरोसा लौटाया था, लेकिन यह रुझान ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। जुलाई से सितंबर तक लगातार तीन महीनों की भारी बिकवाली के बाद अक्टूबर की खरीदारी को बाजार में स्थिरता का संकेत माना जा रहा था।
रुपये की कमजोरी और वैश्विक कारक बने वजह
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी ब्याज दरों के ऊंचे स्तर, वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के चलते उभरते बाजारों से पूंजी बाहर जा रही है। इसके साथ ही भारतीय शेयरों का तुलनात्मक रूप से महंगा मूल्यांकन भी विदेशी निवेशकों को सतर्क कर रहा है। रुपये में आई कमजोरी ने भी विदेशी निवेशकों की रिटर्न चिंता बढ़ा दी है।
इस वर्ष अब तक रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत तक टूट चुका है। जनवरी की शुरुआत में जहां रुपया 85 के आसपास था, वहीं दिसंबर में यह रिकॉर्ड निचले स्तरों तक पहुंच गया। इससे विदेशी निवेशकों के लिए मुद्रा जोखिम और बढ़ गया है।
घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा
विदेशी पूंजी के बाहर जाने के बावजूद भारतीय बाजार पर इसका असर सीमित रहा। इसकी बड़ी वजह घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की मजबूत खरीदारी रही। दिसंबर में DIIs ने करीब ₹39,965 करोड़ का निवेश किया, जिससे बाजार को जरूरी समर्थन मिला।
बाजार जानकारों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बेहतर कॉरपोरेट आय और लंबी अवधि की संभावनाओं को देखते हुए लगातार विदेशी बिकवाली ज्यादा समय तक टिकाऊ नहीं हो सकती।
आगे की राह पर टिकी निगाहें
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संकेतों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं की प्रगति पर रहेगी। सकारात्मक संकेत मिलने पर विदेशी निवेशकों की वापसी संभव है, जबकि नकारात्मक माहौल में निकासी का दबाव कुछ समय और बना रह सकता है।






