आंध्र प्रदेश में दर्दनाक दुर्घटना: पहाड़ी मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, 9 यात्रियों की मौत, कई घायल
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संवाद 24 आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामा राजू (ASR) जिले में मंगलवार सुबह एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। चिंतूरू–भद्राचलम मार्ग की घाट रोड पर एक निजी यात्री बस गहरी खाई में गिर गई, जिससे कम से कम 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सुबह लगभग 6 बजे के आसपास हुआ, जब अधिकांश यात्री अपनी सीटों पर बैठे आराम कर रहे थे।
मौके पर पहुँचे राहतकर्मियों के अनुसार बस पहाड़ी मोड़ पर अचानक अनियंत्रित हो गई। चश्मदीदों ने बताया कि दुर्घटना इतनी तेज थी कि बस सीधे खाई में लगभग 60–70 फीट नीचे जा गिरी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
ASR जिले के कलेक्टर दिनेश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि कई घायलों की हालत नाजुक है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद भद्राचलम एरिया हॉस्पिटल और पास के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार गंभीर रूप से घायल यात्रियों को विशेष निगरानी में रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि बस चिंतूरू से भद्राचलम की ओर जा रही थी और वाहन में 30 से अधिक यात्री सवार थे। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि ड्राइवर ने मोड़ पर गाड़ी का संतुलन खो दिया, जिससे बस सीधे ढलान की ओर खिसक गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के सटीक कारणों जैसे बस की रफ्तार, सड़क की हालत और वाहन की तकनीकी स्थिति की जांच जारी है।
दुर्घटना स्थल घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण राहत कार्यों में चुनौतियाँ आईं। बचाव दल को खाई में उतरकर यात्रियों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई यात्रियों को खिड़कियों और टूटे हिस्सों को काटकर निकालना पड़ा। स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने भी बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को राहत कार्य तेजी से करने और घायलों को सर्वोच्च चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से संपर्क कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही सरकार ने घटना की व्यापक जांच के निर्देश भी दिए हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। पहाड़ी मोड़, संकीर्ण सड़कें और कभी-कभी फिसलन भरा मौसम इस क्षेत्र को अधिक जोखिमपूर्ण बनाते हैं। दुर्घटना की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा मानवीय त्रुटि का परिणाम था या सड़क की स्थिति भी जिम्मेदार थी।
स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि घाट मार्ग पर यात्रा करते समय सावधानी बरतें और परिवहन कंपनियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वाहन की तकनीकी जांच नियमित रूप से की जाए।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। मृतकों के परिवारों में गहरा शोक व्याप्त है, घायलों के उपचार के लिए अभी भी प्रयास जारी हैं।






