पीजी में दाखिला दिलाने के नाम पर डॉक्टर परिवार से 78.75 लाख और 200 ग्राम सोना ठगा
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संवाद 24 संवाददाता। मेडिकल पीजी एडमिशन के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर के एक डॉक्टर परिवार को नीट परीक्षा में शामिल कराने और बाद में मैनेजमेंट कोटे से पीजी सीट दिलाने का झांसा देकर 78.75 लाख रुपये और 200 ग्राम सोना ऐंठ लिया गया। आरोपी ने खुद को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस का अधिकारी बताकर आईडी कार्ड और फर्जी कागज़ात दिखाए, जिससे परिवार उसके झांसे में आ गया।
पीड़ित डॉक्टर खालिद अली खान, निवासी इन्द्रापुरम कॉलोनी, ने सदर थाने में अनुज मलिक और संचित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामला गंभीर होने पर डीसीपी सिटी ने जांच एसीपी सदर को सौंप दी है।
नीट फार्म भरने से चूके तो शुरू हुआ ठगी का खेल
डॉ. खालिद का बेटा नबील अली खान पीजी की तैयारी कर रहा था, लेकिन वर्ष 2024 में निर्धारित तिथि पर नीट-पीजी का फार्म वह जमा नहीं कर सका। इसी बीच नबील के दोस्त संचित ने अपने परिचित अनुज मलिक को रक्षा मंत्रालय का अधिकारी बताकर उनसे मिलवाया।
अनुज ने 3.75 लाख रुपये लेकर परीक्षा दिलाने और बाद में देहरादून के हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मैनेजमेंट कोटे से सीट दिलाने का वादा किया। अक्टूबर 2024 में वह एक फर्जी काउंसलिंग लेटर, मार्कशीट और एडमिट कार्ड भी लेकर आया, जिससे परिवार का विश्वास और बढ़ गया।
होटल में 50 लाख नकद, फिर मूल प्रमाणपत्र गायब
पीड़ित परिवार के अनुसार अनुज मलिक ने ग्रेटर नोएडा के होटल क्राउन प्लाजा में डोनेशन के नाम पर 50 लाख रुपये नकद ले लिए। साथ ही नबील के सभी मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी अपने पास रख लिए। इसके बाद नबील के ईमेल पर लगातार प्रवेश संबंधी मेल आते रहे, जिससे परिवार को लग रहा था कि प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
जब विश्वविद्यालय पहुँचे तो खुल गया राज
जून 2025 तक कोई वास्तविक प्रवेश सूचना न मिलने पर परिवार ने बहुगुणा यूनिवर्सिटी और हिमालयन यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। वहां पता चला कि विश्वविद्यालय की ओर से कोई मेल भेजा ही नहीं गया, और न ही उनकी ओर से किसी प्रवेश प्रक्रिया में नबील का नाम था। यहीं से परिवार को ठगी का शक हुआ।
डोनेशन बढ़ने का बहाना और 200 ग्राम सोना
पीड़ित का आरोप है कि अनुज ने बाद में बताया कि जिस ब्रांच में दाखिला चाहिए उसकी डोनेशन बढ़कर 95 लाख रुपये हो गई है। परिवार 25 लाख ही दे सके, जिसके बाद आरोपी घर आकर बाकी रकम के बदले 200 ग्राम सोने के बिस्किट लेकर चला गया।
इस तरह कुल मिलाकर आरोपी परिवार से 78.75 लाख रुपये और 200 ग्राम सोना ले गया।
अनुज ने रकम और सोना लेने की बात अपनी एक डायरी में लिखकर उस पर हस्ताक्षर भी किए थे। बाद में दिए गए उसके “डिफेंस आईडी कार्ड” की फोटोकॉपी भी फर्जी निकली।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
इंस्पेक्टर सदर विजय विक्रम सिंह ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है, इसलिए इसे प्राथमिकता से जांचा जा रहा है। पुलिस बैंक लेनदेन, फोन लोकेशन, होटल सीसीटीवी और आरोपी द्वारा भेजे गए ईमेल की जांच कर रही है।






