सड़कों पर बहता सीवर, गंदगी के ढेर यही है स्मार्ट सिटी आगरा की हकीकत, विभागों ने साधा मौन
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संवाद 24 संवाददाता। स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की कई प्रमुख सड़कों का हाल बदहाल है। सीवर ओवरफ्लो की समस्या ने बीते कई दिनों से लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने चुप्पी साध रखी है, जबकि समस्या दिनों दिन विकराल होती जा रही है।
हर ओर गंदा पानी, बदबू और अव्यवस्था – संजय प्लेस स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने, लोहमंडी, ट्रांसपोर्ट नगर और आसपास के कई इलाकों में सीवर का गंदा पानी खुलेआम सड़कों पर बह रहा है। इसके कारण राहगीरों का आना-जाना मुश्किल, दोपहिया वाहन फिसलने का बढ़ता खतरा, व्यापारियों के कारोबार पर असर, व्यापारियों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण ग्राहक कम आ रहे हैं, जिससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
नियमित सफाई न होने से बिगड़ा हाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, समस्या की मूल वजह सीवर की नियमित सफाई न होना है। कई दिनों से लाइनें चोक हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
एक दुकानदार के शब्दों में
“स्मार्ट सिटी के नाम पर वसूली तो होती है, लेकिन सुविधा नाम की कोई नहीं। शहर में सीवर बह रहा है, और अधिकारी सिर्फ बयान दे रहे हैं।”
बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
गंदगी और बदबू के बीच रोजमर्रा की जिंदगी गुजार रहे लोगों ने आशंका जताई है कि स्थिति ऐसे ही रही तो –
डेंगू
मलेरिया
त्वचा रोग
जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सीवर का दूषित पानी सड़क पर जमा होने से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।
जलकल विभाग का जवाब “निजी कंपनी कर रही है देखरेख”
जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत का कहना है कि सीवर की देखरेख निजी कंपनी के जिम्मे है।
उनके अनुसार “शिकायत मिलते ही समाधान कराया जाता है।” हालांकि क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्मार्ट सिटी से उम्मीदें, लेकिन हालात इसके उलट
शहर में स्मार्ट सिटी के तहत सौंदर्यीकरण, सड़क निर्माण और सीवर प्रणाली सुधार के बड़े दावे किए गए थे। मगर जमीन पर स्थिति यह है कि सीवर का पानी मुख्य सड़कों पर बह रहा है और अधिकारी सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइनों की जल्द सफाई कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।






