महाठग रवींद्रनाथ सोनी पर दो और मुकदमे दर्ज, एसआईटी जांच के लिए देहरादून पहुंची

संवाद 24 संवाददाता। बहुचर्चित अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क का सरगना माने जा रहे दिल्ली के मालवीय नगर निवासी रवींद्रनाथ सोनी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार रात उसके खिलाफ धोखाधड़ी के दो और नए मुकदमे दर्ज हुए हैं। ये शिकायतें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले दो भारतीय कारोबारियों—प्रदीप कुमार सिंह और विशाल सिंह—ने कराई हैं।

पांच घंटे पूछताछ के बाद एसआईटी पहुँची देहरादून
रिमांड पर लिए गए रवींद्रनाथ से मंगलवार को 5 घंटे तक ताबड़तोड़ पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान एसआईटी ने उसे पीड़ित निवेशकों के आमने-सामने बैठाकर 100 से अधिक सवाल पूछे तथा उसके बयानों की पूरी वीडियोग्राफी कराई।

बुधवार शाम एसआईटी और क्राइम ब्रांच की 15 सदस्यीय टीम उसे 725 किमी दूर देहरादून लेकर पहुंची। वहाँ उसके बताए एक बंद घर को खुलवाकर दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन की तलाश में छानबीन की गई। पुलिस को संदेह है कि उसके एक विशेष मोबाइल में विदेशी निवेशकों के संपर्क, चैट, ऑडियो और लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं।

970 करोड़ से अधिक की अंतरराष्ट्रीय ठगी
तफ्तीश में सामने आया है कि रवींद्रनाथ सोनी ने दुबई में बैठकर भारत सहित 10 देशों के करीब 970 करोड़ रुपये की ठगी की। वह अपनी कंपनी ब्लूचिप कमर्शियल ब्रोकर्स के नाम पर निवेशकों को हर महीने बड़े मुनाफे का लालच देकर जोड़ता था। कई निवेशकों से इवेंट्स में खुद को मालिक और कंपनी को सुरक्षित बताने तक के झूठे दावे किए जाते थे।

पूछताछ में रवींद्रनाथ ने अपनी 5 कंपनियों और 4 साझेदारों—हितेश, विभाष, दरवेश और गुरमीत—के नाम स्वीकार किए। उसने मई 2024 में कंपनी छोड़ने का दावा किया, पर एसआईटी जांच में यह भी झूठ साबित हुआ।

पीड़ितों के नए आरोप

  1. विशाल सिंह (मूलरूप से महाराष्ट्र, निवास: शारजाह, UAE)
    मई 2023 में 9.3 लाख का पहला निवेश
    अगस्त 2023 में 45 लाख और अक्टूबर 2023 में 30.6 लाख
    कुल निवेश: 84.90 लाख रुपये
    दिसंबर 2023 में रिटर्न बंद
    कंपनी की साझेदार गुरमीत की ओर से लगातार बहाने, फिर कंपनी बंद
  2. प्रदीप कुमार सिंह (मूलरूप से भदोही, निवास: अबू धाबी)
    15 नवंबर 2023 को 22 लाख का निवेश (91,750 दिरहम)
    फरवरी 2024 में पहला रिटर्न मिला
    प्रलोभन में आकर 13 लाख और निवेश
    कुल निवेश: 35 लाख रुपये
    मई 2024 में कंपनी बंद होने की जानकारी मिली

दोनों ने अपनी शिकायतों में कहा कि कंपनी ने चेक, एग्रीमेंट, मासिक रिटर्न जैसे झाँसे देकर विश्वास जीता और धीरे-धीरे भारी रकम हथिया ली।

अंतरराष्ट्रीय जाल का खुलासा
जांच में सामने आया है कि रवींद्रनाथ के नेटवर्क से दुबई, अबू धाबी, भारत और अन्य देशों के निवेशक जुड़े हुए थे। दो अभिनेताओं सहित छह बड़े कारोबारी भी पुलिस आयुक्त से शिकायत कर चुके हैं। एसआईटी को उम्मीद है कि देहरादून से बरामद सामग्री और रवींद्रनाथ का गायब मोबाइल इस बहुराष्ट्रीय ठगी की पूरी परतें खोल देगा।

Pavan Singh
Pavan Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News