नशे की लत ने छीन ली एक जिंदगी: पत्नी के मना करने पर पति ने लगा ली फांसी
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संवाद 24 संवाददाता। नशा इंसान को कहाँ से कहाँ ले जाता है, इसका ताजा उदाहरण कानपुर के हनुमंत विहार इलाके में देखने को मिला। महज इसलिए कि पत्नी ने शराब पीकर लोडर चलाने से मना कर दिया, 45 साल के सुनील कुमार ने कमरे में फंदा लगा कर अपनी जान दे दी। पत्नी जब खाना खाने बुलाने आई तो दरवाजा खोलते ही उसके होश उड़ गए – पति का शव पंखे से लटक रहा था। घर में कोहराम मच गया।
सुनील कुमार हनुमंत विहार (नौबस्ता क्षेत्र) में परिवार के साथ रहते थे। पेशे से लोडर चालक थे। पत्नी बेबी, दो बेटियाँ और दो बेटे राहुल व पवन पूरा परिवार ही उनकी कमाई पर निर्भर था। पर सुनील को पिछले कई सालों से शराब की बुरी लत थी। रोज़ाना शराब पीकर ही वे लोडर लेकर निकलते थे।
परिवार के लोगों और पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम को भी सुनील शराब पीकर घर लौटे। पत्नी बेबी ने जैसे ही उन्हें टोका कि “इतना नशा करके गाड़ी मत चलाया करो, कभी कोई हादसा हो गया तो हम सब कहाँ जाएँगे”, सुनील को यह बात बहुत बुरी लगी। दोनों में तीखी बहस हुई। गुस्से में सुनील अंदर के कमरे में चले गए और दरवाज़ा बंद कर लिया।
कुछ देर बाद बेबी खाना लेकर उन्हें बुलाने आईं। दरवाज़ा खटखटाया, कोई जवाब नहीं आया। जब ज़ोर से धक्का देकर दरवाज़ा खोला गया तो जो नज़ारा दिखा, उसे देखकर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई – सुनील ने दुपट्टे का फंदा बनाकर पंखे से लटक कर जान दे दी थी।
चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी और परिजन दौड़े आए। सुनील के चाचा सर्वेश कुमार ने बताया, “भतीजा बहुत परेशान रहने लगा था। शराब की लत ने उसे अंदर से खोखला कर दिया था। छोटी-छोटी बात पर गुस्सा हो जाता था। कल भी बहू ने सिर्फ़ उसकी भलाई के लिए टोका था, पर उसने इसे अपने सम्मान पर चोट समझ लिया।”
हनुमंत विहार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि मामला स्पष्ट है। सुनील शराब का आदि था। पत्नी बार-बार उसे समझाती थी कि नशे में गाड़ी चलाना खतरनाक है, कहीं दुर्घटना न हो जाए। इसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद सुनील ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि नशा न सिर्फ़ नशेड़ी की जान लेता है, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देता है। सुनील के घर में अब मातम पसरा है। दो छोटी बेटियाँ और बेटे बिना पिता के अनाथ जैसे हो गए। पत्नी बेबी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार खुद को कोस रही हैं कि काश उन्होंने उस दिन कुछ न कहा होता…
नशे की लत कितनी भयानक हो सकती है, यह किसी से छिपा नहीं है। पर जब तक कोई अपना इसकी चपेट में नहीं आता, हम इसे गंभीरता से नहीं लेते। सुनील की मौत एक सबक है – अगर आपके घर में भी कोई शराब या किसी नशे की गिरफ्त में है, तो उसे अभी समझाएँ, इलाज करवाएँ। वरना बहुत देर हो जाएगी।






