आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मेंटेनेंस के दौरान भीषण हादसा, तीन लग्जरी कारें आपस में टकराईं, चार लोग गंभीर रूप से घायल
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संवाद 24 संवाददाता। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मेंटेनेंस कार्य के कारण सड़क को वन-वे कर दिया गया था और रखे गए खाली ड्रमों के बीच तीन लग्जरी कारें एक के बाद एक आपस में जोरदार टक्कर मारते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। हादसा एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 18 (फतेहाबाद क्षेत्र) पर हुआ। इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यदाई कंपनी एटलस की ओर से चल रहे मेंटेनेंस कार्य के कारण सड़क के एक हिस्से को बंद कर दिया गया था और डायवर्जन के लिए साइनेज के साथ-साथ सड़क पर दर्जनों खाली प्लास्टिक ड्रम रखे गए थे। तेज रफ्तार से आ रही एक कार अचानक ड्रमों से बचने के चक्कर में अनियंत्रित हो गई और उसने पीछे से आ रही दूसरी कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दूसरी कार आगे जा टकराई और तीसरी कार भी इस श्रृंखला में शामिल हो गई। देखते-ही-देखते तीनों कारें क्षत-विक्षत हो गईं।
हादसे की सूचना मिलते ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की क्विक रिस्पॉन्स टीम और फतेहाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक तरुण कुमार धीमान अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी प्रथम राधा मोहन द्विवेदी ने भी राहत-बचाव कार्य का नेतृत्व किया।
घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (S.N. Medical College) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार चारों घायलों की हालत गंभीर है, लेकिन सभी खतरे से बाहर हैं। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर करीब एक घंटे तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को साइड में हटवाया गया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
यूपीडा अधिकारियों ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य के दौरान सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, लेकिन तेज रफ्तार और चालकों की लापरवाही हादसे का मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर चल रहे निर्माण एवं मेंटेनेंस कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की जरूरत को रेखांकित करता है। यात्रियों से अपील की गई है कि निर्माण क्षेत्र में गति सीमा का सख्ती से पालन करें और डायवर्जन साइन बोर्ड पर पूरा ध्यान दें।






