जंगल के पुआल में छिपा था चोरी का सामान, सचेंडी पुलिस ने पकड़ा शातिर वाहन चोर, 10 बाइकें बरामद
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संवाद 24 संवाददाता। शहरों-कस्बों से चोरी की बाइक और स्कूटी को गायब करने का कोई नया तरीका नहीं है, लेकिन उन्हें छिपाने के लिए बियाबान जंगल का सहारा लेना और पुआल के ढेर में दबाकर रखना – ये वाकई शातिराना अंदाज था। सचेंडी पुलिस ने ऐसे ही एक चालाक वाहन चोर को दबोचा है, जिसने ओरियंट रिसॉर्ट के पीछे घने जंगल को अपना सुरक्षित अड्डा बना रखा था।
आरोपी की पहचान कटरा भैसौर निवासी श्रीराम गौतम के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसके ठिकाने से चोरी की दस दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। इनमें से एक वाहन के पुर्जे अलग-अलग मिले, शायद बेचने की फिराक में था।
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब सोमवार को सचेंडी कस्बे से एक बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई। मुकदमा लिखते ही सचेंडी पुलिस हरकत में आ गई। चेकिंग अभियान के दौरान धरमंगतपुर के पास पुलिस टीम ने एक संदिग्ध बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। बाइक सवार से जब दस्तावेज मांगे गए तो वह घबरा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह बाइक उसने कुछ ही घंटे पहले चकरपुर मंडी से चुराई थी।
बाइक सवार कोई और नहीं, बल्कि इलाके का कुख्यात वाहन चोर श्रीराम गौतम निकला। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना पूरा राज उगल दिया। उसने बताया कि वह चोरी की सभी बाइकें ओरियंट रिसॉर्ट के पीछे वाले सुनसान जंगल में ले जाकर पुआल के बड़े-बड़े ढेर के नीचे छिपाता है। वहां कोई आता-जाता नहीं, इसलिए महीनों तक बाइकें सुरक्षित रहती थीं। बाद में मौका देखकर इन्हें या तो पार्ट्स में तोड़कर बेचता या फिर नंबर प्लेट बदलकर दूसरे राज्यों में खपा देता।
श्रीराम की निशानदेही पर जब पुलिस जंगल में पहुंची तो हैरान रह गई। घने पेड़ों के बीच पुआल के ढेर हटाते ही एक के बाद एक दस चोरी की बाइक और स्कूटी बाहर निकलीं। इनमें ज्यादातर बाइकें सचेंडी, रनिया, डेरापुर और आसपास के इलाकों से चुराई गई थीं।
चौकी प्रभारी अंकित मौर्या ने बताया, “आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसने जंगल को ही अपना गोदाम बना रखा था। सभी दस वाहन बरामद कर लिए गए हैं। इनके असली मालिकों की तलाश की जा रही है और जल्द ही इन्हें सुपुर्द कर दिया जाएगा।”
पुलिस अब श्रीराम के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। प्रथम दृष्टया लगता है कि वह अकेला नहीं था; कुछ और लोग भी उसके साथ हो सकते हैं। फिलहाल शातिर जेल भेज दिया गया है और चोरी के सभी मामलों में मुकदमे दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अपराधी कितने भी शातिर हो जाएं, कानून की नजर से बच नहीं सकते। सचेंडी पुलिस की मुस्तैदी ने न सिर्फ चोरी के वाहनों को बरामद किया बल्कि लोगों का खोया भरोसा भी लौटाया






