हरिओम पेपर मिल में करंट लगने से मजदूर की मौत, परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर किया जोरदार हंगामा

संवाद 24 संवाददाता। सचेंडी थाना क्षेत्र के भौंती गांव में स्थित हरिओम पेपर मिल में सोमवार शाम एक मजदूर की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान रंजीत कुमार प्रजापति (उम्र करीब 35 वर्ष), पुत्र रतीराम प्रजापति, निवासी ग्राम हमीर खेड़ा, थाना मेरापुर, जिला फर्रुखाबाद के रूप में हुई है। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और साथी कर्मचारियों ने फैक्ट्री के मुख्य गेट पर शव रखकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की।

जानकारी के अनुसार, पेपर मिल में बॉयलर का काम ठेकेदार प्रवीण शर्मा के जिम्मे है। उनके अधीन करीब 50 मजदूर कार्यरत हैं। सोमवार शाम करीब 5 बजे रंजीत कुमार बॉयलर के पास काम कर रहे थे। इसी दौरान बिजली का एक तार कटा हुआ था, जिससे अचानक तेज करंट लग गया। साथी मजदूरों ने जब उन्हें तड़पते देखा तो चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मृतक के शव को जब घर लाया गया तो परिजनों का सब्र टूट गया। रात करीब 10 बजे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, परिजन और मिल के अन्य कर्मचारी फैक्ट्री के मुख्य गेट पर जमा हो गए। शव को गेट के ठीक सामने रखकर लोग नारेबाजी करने लगे। ठेकेदार और मिल मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। हंगामा बढ़ता देख मिल प्रबंधन के लोग मौके से फरार हो गए।

सूचना मिलते ही सचेंडी थाना प्रभारी अपने बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ को समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोग नहीं माने। आखिरकार पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और लाठी पटककर भीड़ को तितर-बितर किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

मृतक रंजीत अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पीछे पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता को रोता-बिलखता छोड़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि मिल में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। न हेलमेट, न ग्लव्स और न ही इंसुलेटेड उपकरण। आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रबंधन कोई सबक नहीं लेता।

पुलिस ने बताया कि ठेकेदार प्रवीण शर्मा के खिलाफ लापरवाही से मौत का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सवाल यह है कि कब तक मजदूरों की जान सस्ती समझी जाती रहेगी

Pavan Singh
Pavan Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News