नहर में मिली गोली लगी लाश, हाथ-गला मफलर से बंधा, चार दिन तक नहीं हुई शिनाख्त

संवाद 24 संवाददाता। सचेंडी थाना क्षेत्र के बिनौर नहर में 1 दिसंबर 2025 की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे ग्रामीणों ने एक युवक का शव देखा। हाथ पीछे की तरफ बंधे थे, गला भी उसी मफलर से कसा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को बाहर निकाला गया तो कपड़ों से लग रहा था कि मृतक की उम्र 25-30 साल के आसपास होगी। काली शर्ट और हरी पैंट पहने इस अज्ञात युवक की शिनाख्त के लिए पुलिस ने हरसंभव कोशिश की, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई उसका अपना सामने नहीं आया। आखिरकार 5 दिसंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने अज्ञात शव के रूप में ही अंतिम संस्कार करा दिया।


पोस्टमॉर्टम में खुला हत्या का राज
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी। डॉक्टरों ने बताया कि युवक के बाएं कान के ठीक ऊपर गोली मारी गई थी जो आर-पार निकल गई। अत्यधिक रक्तस्राव से ही उसकी मौत हुई। दाहिने कान के ऊपर भी एक गहरा घाव मिला। दोनों हाथ पीछे की ओर मफलर से कसकर बंधे थे और उसी मफलर का दूसरा सिरा गले में लपेटकर कसा गया था। यानी हत्या करने के बाद शव को इस तरह बांधकर नहर में फेंका गया ताकि वह आसानी से न आ सके और पहचान छिप जाए।


डीएनए सुरक्षित, शिनाख्त के लिए दूसरे जिलों से भी ली जा रही जानकारी
सचेंडी थाने के इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिस्ट ने बताया कि युवक की शिनाख्त के लिए डीसीआरबी को सूचना भेजी गई है। आसपास के जिलों व राज्यों से गुमशुदा लोगों की लिस्ट मंगाई जा रही है। चूंकि चार दिन में कोई शिनाख्त नहीं हो सकी, इसलिए भविष्य में अगर कोई दावा करे तो मिलान हो सके, इसके लिए डीएनए सैंपल सुरक्षित रख लिया गया है।


सचेंडी क्षेत्र में एक महीने में तीसरी लाश
चिंता की बात यह है कि पिछले एक महीने में सचेंडी थाना क्षेत्र में यह तीसरा ऐसा मामला है जहां हत्या कर शव ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। 8 नवंबर 2025 को संजय नगर में बीपीसीएल बाउंड्री के अंदर पारितोष के खेत में जला हुआ कंकाल मिला था। पोस्टमॉर्टम से लिंग तक पता नहीं चल सका।


30 नवंबर 2024 को भौंती-भीमसेन रोड पर सुजानपुर रेलवे अंडरपास के पास काली पॉलिथीन में लिपटी एक युवती का अधजला शव मिला था। शव के पास नशीली गोलियों की पोटली भी थी और पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि हुई थी।


तीनों मामलों में अभी तक एक भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है। ग्रामीणों में दहशत है कि क्षेत्र में कोई संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है या फिर पुरानी रंजिशों के चलते लगातार हत्याएं हो रही हैं। पुलिस का दावा है कि सभी मामलों की गहन जांच चल रही है, लेकिन जब तक शिनाख्त नहीं होती और कोई ठोस सुराग नहीं मिलता, ये केस अंधेरे में ही लटके रहेंगे। एक युवक की जिंदगी गोली से छिन गई, उसका नाम-पता तक कोई नहीं जान सका – यह अपने आप में पुलिसिया व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

Pavan Singh
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