5 दिसंबर 2025 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 5 दिसंबर 2025, शुक्रवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पूर्णिमा शाम 04:18 तक, तत्पश्चात् कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – कृत्तिका रात्रि 02:23 (6 दिसंबर) तक, तत्पश्चात् रोहिणी
योग – वैधृति
करण – विष्टि, तत्पश्चात् बव
चंद्र गोचर – वृषभ राशि में
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:58
सूर्यास्त – 05:21
अभिजित मुहूर्त – 11:56 से 12:34 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:51 से 12:44 तक (6 दिसंबर)
राहुकाल – सुबह 10:49 से 12:07 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
पंचक – नहीं
भद्रा – आज रात्रि 08:42 तक
सर्वार्थसिद्धि योग – नहीं
व्रत-पर्व विवरण – मार्गशीर्ष पूर्णिमा, इस दिन दीपदान, श्रीहरि विष्णु की उपासना, तुलसी पूजा और दान-पुण्य का महान फल बताया गया है। पितरों के निमित्त तर्पण करने से दोषों का शमन होता है।
विशेष जानकारी – मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा की ऊर्जा अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन जल, अन्न, वस्त्र तथा कंबल का दान करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
दिशा-विवेक
- आज पूर्व दिशा में यात्रा करना अत्यंत शुभ है
- पश्चिम दिशा में यात्रा से पहले गुड़ खाकर निकलें।
- सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखें।
आज का विशेष उपाय (सौभाग्य एवं धनवृद्धि हेतु) – शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएँ। श्रीसूक्त का पाठ करें और सफेद मिठाई का भोग लगाएँ। मंत्र “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का 21 बार जप करें। इससे पारिवारिक समृद्धि और धन-लाभ के योग बनते हैं।

आज का राशिफल 5 दिसंबर 2025, शुक्रवार
आज का दिन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?
किसका चमकेगा आज भाग्य? पढ़ें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। हर राशि के लिए दिनभर का सटीक विश्लेषण।
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आर्थिक स्थिति मजबूत। संपत्ति संबंधी कार्यों में लाभ।
उपाय – माता लक्ष्मी को लाल पुष्प अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
मान-सम्मान बढ़ेगा। मानसिक शांति बनी रहेगी।
उपाय – चावल का दान करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
धन लाभ के योग। नया संपर्क लाभदायक।
उपाय – तुलसी पर दीपक जलाएँ।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
परिवार में स्नेह बढ़ेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
कार्यक्षेत्र में सफलता। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी।
उपाय – सूर्य देव को जल अर्पित करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
यात्रा शुभ। रुका काम बनेगा।
उपाय – गणेश जी को दुर्वा अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
दांपत्य जीवन मधुर। संतान पक्ष से लाभ।
उपाय – माता लक्ष्मी को कमल पुष्प चढ़ाएँ।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
व्यापार में लाभ। विरोधी कमजोर होंगे।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य प्रबल। धार्मिक कार्यों में रुचि।
उपाय – केले के पौधे में जल दें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
नौकरी में उन्नति। धन वृद्धि।
उपाय – तिल का दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि। नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएँ।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आर्थिक पक्ष मजबूत। मन प्रसन्न।
उपाय – गणेश जी को मोदक अर्पित करें।
विशेष योग – शुक्रवार, लक्ष्मी साधना, सौंदर्य, कला, प्रेम और धन वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।


