कोडीन सिरप ड्रग सिंडिकेट दुबई तक पहुंचा, STF ने सरगना के पिता को पकड़ा
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संवाद 24।वाराणसी
वाराणसी से शुरू हुआ कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध कारोबार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग सिंडिकेट के रूप में सामने आया है। STF और औषधि विभाग की संयुक्त जांच में पता चला कि इस सिंडिकेट का सरगना शुभम जायसवाल वर्तमान में दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है। उसने ड्रग तस्करी की शुरुआत अपने पिता के फार्मा बिजनेस से की थी और धीरे-धीरे इसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान व झारखंड से आगे बढ़ाते हुए नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान तक फैला दिया। आज यह नेटवर्क 100 करोड़ रुपए से अधिक का हो चुका है।

औषधि विभाग ने 28 और 29 नवंबर को वाराणसी, जौनपुर, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, रायबरेली, चंदौली, सुल्तानपुर और गाजीपुर में छापेमारी की। 98 फर्मों में अवैध रूप से कोडीन सिरप मिलने के बाद सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई और लाइसेंस रद्द किए गए। सबसे ज्यादा 28 फर्में वाराणसी की थीं। सामने आया कि कोडीन सिरप बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के मोहल्लों और घरों से बेचा जा रहा था। फर्जी बिलिंग, नकली लाइसेंस और वास्तविक संचालक से अलग दस्तावेज़ीय मालिक इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली का हिस्सा थे।

19 अक्टूबर को सोनभद्र में चिप्स के कार्टन में छिपाकर ले जाई जा रही करीब 3 करोड़ रुपए की कोडीन सिरप की खेप पकड़ी गई थी। तब STF को आशंका हुई कि यह सिरप नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भेजी जानी थी। गहन जांच में शुभम जायसवाल का नाम सामने आया। वह वर्तमान में दुबई में है और नेटवर्क भारत में उसके गुर्गे संभालते हैं। 27 नवंबर को लखनऊ में STF ने अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को गिरफ्तार किया, जो दुबई में बैठे शुभम का स्थानीय नेटवर्क चलाता था। उसके मोबाइल से अंतरराज्यीय सप्लाई रूट, लेनदेन और सदस्यों की जानकारी मिली।
शुभम के पिता भोला प्रसाद, जो झारखंड में शैली ट्रेडर्स फार्मा कंपनी संचालित करते हैं, भी इस सिंडिकेट का हिस्सा निकले। वे देश छोड़कर भागने की कोशिश में थे, लेकिन 30 नवंबर को सोनभद्र पुलिस ने उन्हें कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। जांच में कोडीन सप्लाई के दुरुपयोग में कुछ नामी निर्माता कंपनियों—एबॉट, लेबोरेट और थ्री-बी हेल्थकेयर—की सप्लाई चेन की खामियां भी मिलीं। हालांकि कंपनियों को अभी आरोपी नहीं बनाया गया, लेकिन जांच जारी है।
ड्रग सिंडिकेट का मामला सियासी स्तर तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। STF ने पुराने मामलों की फाइल भी फिर से खोल दी हैं। औषधि विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं और स्पष्ट किया है कि अब कोडीन सिरप केवल पंजीकृत डॉक्टर (RMP) की प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेचा जा सकेगा। STF की टीमें अब सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं।






