मौलाना मदनी के भड़काऊ बोल ‘जब जुल्म होगा, तब जिहाद होगा’ सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर भी उठाए सवाल

संवाद 24 भोपाल/नई दिल्ली। प्रमुख मुस्लिम संगठन ‘जमीयत उलेमा-ए-हिंद’ के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के एक बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। शनिवार को भोपाल में आयोजित जमीयत की नेशनल गवर्निंग बॉडी की बैठक में मदनी ने ‘जिहाद’ को लेकर बड़ा बयान दिया और सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल उठाए।

मदनी बोले, जिहाद का मतलब जुल्म के खिलाफ संघर्ष मौलाना मदनी ने कहा कि वर्तमान में मुसलमानों और इस्लाम को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ और ‘थूक जिहाद’ जैसे शब्दों को मुसलमानों को बदनाम करने के लिए गढ़ा गया शब्द बताया। मदनी ने कहा, “जिहाद एक पवित्र इस्लामी अवधारणा है, जिसका अर्थ है अन्याय (जुल्म) के खिलाफ संघर्ष करना। जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा।” उन्होंने सरकारों को चेतावनी दी कि वे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करें।

सुप्रीम कोर्ट पर उठाए गंभीर सवाल मदनी ने बाबरी मस्जिद और तीन तलाक जैसे फैसलों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि कोर्ट कुछ वर्षों से सरकार के दबाव में काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट तभी ‘सुप्रीम’ कहलाने के लायक है जब वह संविधान का पालन करे। यदि वह ऐसा नहीं करता, तो वह सुप्रीम कहलाने योग्य नहीं है।”

भाजपा का पलटवार: बांटने की कोशिश मदनी के इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भुवनेश्वर में भाजपा प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने मदनी के बयान को ‘गुमराह करने वाला’, ‘भड़काऊ’ और ‘देश को बांटने वाला’ बताया। पात्रा ने कहा, “जिहाद के नाम पर कुछ लोगों ने न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी आतंक फैलाया है। मदनी का यह बयान गलत है।” भाजपा प्रवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह अपने खिलाफ की गई मदनी की टिप्पणियों पर स्वतः संज्ञान ले।

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *