कानपुर: एसआईआर डिजिटलीकरण में धीमी प्रगति पर सख्ती, 4 दिसंबर तक शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे सभी सरकारी स्कूल
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संवाद 24 कानपुर। जिले के परिषदीय स्कूल अब 4 दिसंबर तक शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) डिजिटलीकरण कार्य में धीमी प्रगति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को जारी आदेश में बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को बच्चों को छोड़ने के बाद भी शाम 5 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, डिजिटलीकरण कार्य पूरा होने तक अवकाश के दिनों में भी स्कूल इसी समय तक खुले रहेंगे।
बैठक में सामने आई धीमी प्रगति, DM ने जताई चिंता डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की समीक्षा बैठक में पाया गया कि जिले की सभी विधानसभाओं में एसआईआर डिजिटलीकरण की प्रगति संतोषजनक नहीं है।जांच में यह भी सामने आया कि निर्वाचन कार्य से जुड़े बीएलओ स्कूल बंद होते ही घर चले जाते हैं, जिससे डिजिटल डेटा एंट्री की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसी वजह से जिले में डिजिटलीकरण की गति बेहद धीमी बनी हुई है।
बीएलओ के गैर-सहयोग पर कार्रवाई की चेतावनी बीएसए के अनुसार, गणना प्रपत्र एकत्र होने के बाद भी बीएलओ स्कूल समय पर सहयोग नहीं कर रहे थे। इससे निर्वाचन से संबंधित तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि परिषदीय स्कूल शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से खुले रहेंगे। शिक्षक दोपहर तीन बजे बच्चों को छोड़ने के बाद स्कूल में उपस्थित रहेंगे। एसआईआर कार्य पूरा होने तक अवकाश के दिनों में भी स्कूल का संचालन इसी समय तक होगा। बीएलओ को भी स्कूल समय तक उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रगति रिपोर्ट में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।क्या है एसआईआर डिजिटलीकरण कार्य? एसआईआर (Special Intensive Revision) निर्वाचन आयोग का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसके तहत मतदाता सूची का अद्यतन, सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।
कानपुर में यह प्रक्रिया धीमी होने के कारण प्रशासन ने अब सीधे स्कूलों के समय में परिवर्तन करके कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।
4 दिसंबर तक जारी रहेगा आदेश बीएसए ने बताया कि यह आदेश 4 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा या तब तक जब तक एसआईआर डिजिटलीकरण पूरी तरह संपन्न नहीं हो जाता। यह निर्णय निर्वाचन कार्यों की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






