5 दिसंबर तक सभी वक्फ संपत्तियों के दर्ज होने की ‘उम्मीद’ कम, पोर्टल पर कार्य की रफ्तार बेहद सुस्त
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संवाद 24 कानपुर। जिले में वक्फ संपत्तियों को ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज कराने की प्रक्रिया अपेक्षा से काफी धीमी चल रही है। जिले की कुल 1669 वक्फ संपत्तियों में से केवल 285 संपत्तियों का ही विवरण अब तक पोर्टल पर फीड किया जा सका है। इनमें 241 सुन्नी और 44 शिया वक्फ संपत्तियां शामिल हैं।
पोर्टल पर विवरण दर्ज कराने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर तय है, लेकिन नौ दिन शेष रहते हुए भी लक्ष्य पूरा होने की संभावना बेहद कम दिख रही है। इस सुस्ती को देखते हुए अब समय सीमा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।
ट्रांसपेरेंसी और सुरक्षा के लिए बना ‘उम्मीद पोर्टल’ केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता, सुरक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए देशभर में वक्फ प्रॉपर्टीज का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की पहल की है। इसके तहत—हर वक्फ संपत्ति का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। एक विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) आवंटित होगी। आय, उपयोग और प्रबंधन से जुड़े सभी डेटा डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगे। अनियमितताओं और विवादों को रोकने में यह डाटा बेस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसी उद्देश्य से उम्मीद पोर्टल तैयार किया गया है और सभी संबंधित मुतवल्लियों तथा समन्वयकों को अपनी-अपनी संपत्तियों का विवरण समय पर दर्ज कराने की जिम्मेदारी दी गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह ने भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी मुतवल्ली 5 दिसंबर तक डेटा अपलोड पूरा करें।
छह महीने की मोहलत की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन – लक्ष्य समय पर पूरा न होता देख शहर के उलमा ने समय सीमा बढ़ाने की औपचारिक मांग की है। शहरकाजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि—
???? वक्फ संपत्तियों की संख्या अधिक होने और तकनीकी प्रक्रियाओं में समय लगने के कारण
???? पोर्टल पर पूरा विवरण दर्ज करने के लिएकम से कम छह महीने का अतिरिक्त समय दिया जाए। प्रतिनिधिमंडल में नायब शहरकाजी सगीर आलम हबीबी, कारी अब्दुल मुत्तलिब, मौलाना असगर अली, महबूब आलम खान, इस्लाम खान आज़ाद, अब्दुल रहीम बहराइची सहित कई लोग उपस्थित रहे।






