रंगों की भाषा और ऊर्जा का विज्ञान: वास्तु अनुसार 10 दिशाओं में सही कलर कोड का उपयोग
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संवाद 24 डेस्क। वास्तु शास्त्र केवल भवन की दिशाओं और लेआउट पर ही केंद्रित नहीं है, बल्कि यह मानता है कि रंग किसी भी संरचना के ऊर्जा चक्र (Energy Cycle) को सीधे प्रभावित करते हैं। गलत रंग का चुनाव किसी दिशा विशेष के तत्व को कमजोर या अत्यधिक बढ़ा सकता है, जिससे जीवन के संबंधित पहलुओं में असंतुलन आ जाता है।
एक प्रोफेशनल वास्तु डिजाइन में, दस दिशाओं में रंगों का उपयोग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो प्रत्येक दिशा के अधिष्ठाता देव, तत्व और उनसे जुड़े जीवन के परिणामों को ध्यान में रखकर की जाती है।
मुख्य दिशाएँ (Cardinal Directions) और उनके रंग
- पूर्व (East)
प्रतिनिधि तत्व: वायु (Air) / कुछ सिद्धांतों में जल (Water)
सम्बन्ध: सामाजिक संपर्क, विकास, स्वास्थ्य।
वास्तु रंग: हरा (Green), हल्का नीला (Light Blue) और सफेद (White)।
उपयोग: हरा रंग विकास और ताजगी का प्रतीक है, जो इस दिशा के लिए उत्तम है। हल्के रंग ऊर्जा को प्रसारित करते हैं।
टालें: गहरा ग्रे (Grey) या काला (Black), क्योंकि ये वायु तत्व को बाधित करते हैं। - पश्चिम (West)
प्रतिनिधि तत्व: आकाश/धातु (Space/Metal)
सम्बन्ध: लाभ, स्थिरता, संतुष्टि।
वास्तु रंग: सफेद (White), हल्का ग्रे (Light Grey) और सुनहरा/धातुई रंग (Metallic)।
उपयोग: सफेद और ग्रे रंग धातु तत्व को मजबूत करते हैं, जिससे स्थिरता और लाभ सुनिश्चित होता है।
टालें: लाल (Red) या मैरून (Maroon), क्योंकि अग्नि तत्व धातु को कमजोर करता है। - उत्तर (North)
प्रतिनिधि तत्व: जल (Water)
सम्बन्ध: धन, करियर, नए अवसर।
वास्तु रंग: हल्का नीला (Light Blue), सफेद (White) और हल्का हरा (Light Green)।
उपयोग: नीला रंग सीधे जल तत्व को मजबूत करता है, जो धन के प्रवाह को बढ़ाता है। हल्का हरा (जो जल का पोषण करता है) भी सहायक है।
टालें: पीला (Yellow), नारंगी (Orange) या लाल, क्योंकि ये रंग जल तत्व को कमजोर करते हैं। - दक्षिण (South)
प्रतिनिधि तत्व: अग्नि (Fire)
सम्बन्ध: ख्याति, आराम, सुरक्षा।
वास्तु रंग: लाल (Red), गुलाबी (Pink), नारंगी (Orange) और पीला (Yellow)।
उपयोग: लाल और गुलाबी अग्नि तत्व को सशक्त करते हैं, जो इस दिशा को ऊर्जा और ख्याति प्रदान करता है।
टालें: नीला (Blue) और काला, क्योंकि जल तत्व अग्नि को बुझाता है, जिससे उस क्षेत्र में ख्याति और ऊर्जा का नुकसान हो सकता है।
उप-दिशाएँ (Inter-Cardinal Directions) और उनके रंग
- ईशान कोण (North-East)
प्रतिनिधि तत्व: जल + पृथ्वी (Water + Earth) / बृहस्पति (विस्तार)
सम्बन्ध: ज्ञान, आध्यात्मिकता, मानसिक शांति।
वास्तु रंग: हल्का नीला (Light Blue), सफेद (White) और बैंगनी (Violet)।
उपयोग: हल्के और शांत रंग इस पवित्र कोण की ऊर्जा को शुद्ध करते हैं और ध्यान में मदद करते हैं।
टालें: गहरा लाल (Dark Red) या नारंगी, जो शांति और जल तत्व को बाधित कर सकते हैं। - आग्नेय कोण (South-East)
प्रतिनिधि तत्व: अग्नि (Fire)
सम्बन्ध: नकदी का प्रवाह, स्वास्थ्य, आत्मविश्वास।
वास्तु रंग: हरा (Green), गुलाबी (Pink), हल्का नारंगी (Light Orange)।
उपयोग: हरा रंग (जो अग्नि का पोषण करता है) यहाँ विशेष रूप से नकदी के प्रवाह को सुनिश्चित करता है, जबकि गुलाबी अग्नि को संतुलित करता है।
टालें: नीला या काला। रसोई में भी नीले/काले रंग की स्लैब नहीं होनी चाहिए। - नैऋत्य कोण (South-West)
प्रतिनिधि तत्व: पृथ्वी (Earth)
सम्बन्ध: स्थिरता, रिश्ते, सुरक्षा।
वास्तु रंग: पीला (Yellow), गोल्डन (Golden) और क्रीम (Cream)।
उपयोग: पीला और क्रीम रंग पृथ्वी तत्व को सबसे अधिक मजबूत करते हैं, जो रिश्ते और स्थिरता प्रदान करता है।
टालें: हरा रंग (जो पृथ्वी तत्व को थका देता है)। - वायव्य कोण (North-West)
प्रतिनिधि तत्व: वायु + धातु (Air + Metal)
सम्बन्ध: सामाजिक सहयोग, यात्रा, परिवर्तन।
वास्तु रंग: सफेद (White), हल्का ग्रे (Light Grey) और क्रीम (Cream)।
उपयोग: सफेद रंग धातु तत्व को मजबूत करता है, जो सामाजिक समर्थन को सक्रिय करता है। क्रीम रंग स्थिरता बनाए रखता है।
टालें: लाल, गुलाबी या नारंगी।
ऊर्ध्वाधर दिशाएँ (Vertical Directions) और उनके रंग
ये दिशाएँ घर के केंद्र और नींव से जुड़ी हैं।
- ऊर्ध्व (Up/Zenith – छत/आकाश)
प्रतिनिधि तत्व: आकाश (Space)
सम्बन्ध: ब्रह्मांडीय ऊर्जा, सर्वोच्च चेतना।
वास्तु रंग: सफेद (White), ऑफ-व्हाइट (Off-White)।
उपयोग: छत का रंग हमेशा हल्का या सफेद होना चाहिए ताकि यह ऊर्जा को आसानी से प्रतिबिंबित कर सके और ऊपर से आने वाली ऊर्जा को अवशोषित न करे।
टालें: गहरा रंग (विशेषकर काला), क्योंकि यह ऊर्जा प्रवाह को अवरुद्ध करता है। - अधो (Down/Nadir – नींव/भूमि)
प्रतिनिधि तत्व: पृथ्वी (Earth)
सम्बन्ध: स्थिरता, नींव, सुरक्षा।
वास्तु रंग: हल्का पीला (Light Yellow), क्रीम (Cream) और भूरा (Brown)।
उपयोग: फर्श के लिए ये रंग आधार को मजबूत करते हैं। वास्तु में भारी या जटिल डिजाइन वाले फर्श से बचने की सलाह दी जाती है।
टालें: अत्यधिक चमकीले या मिश्रित रंग।
रंगों का पंचतत्व चक्र
वास्तु में रंगों का चयन पंचतत्व चक्र (Five Element Cycle) के सिद्धांत पर आधारित होता है। यह चक्र सुनिश्चित करता है कि तत्वों के बीच आपसी संबंध पोषणकारी (जैसे: जल, अग्नि को बुझाता है) या विनाशकारी (जैसे: पृथ्वी, धातु को जन्म देती है) न हो जाए।
तत्व- जल (North)
पोषणकारी रंग – सफेद, नीला
विरोधी रंग – पीला, भूरा
तत्व – वायु (East)
पोषणकारी रंग – हरा, नीला
विरोधी रंग – सफेद, ग्रे
तत्व – अग्नि (South/SE)
पोषणकारी रंग – लाल, हरा
विरोधी रंग – नीला, काला
तत्व – पृथ्वी (SW)
पोषणकारी रंग – पीला, लाल
विरोधी रंग – हरा
तत्व – धातु (West/NW)
पोषणकारी रंग – सफेद, पीला
विरोधी रंग – लाल, गुलाबी
रंगों का यह सूक्ष्म विज्ञान बताता है कि यदि आप धन (उत्तर दिशा) को बढ़ाना चाहते हैं, तो नीले रंग का उपयोग करें। यदि आप रिश्ते (नैऋत्य कोण) को मजबूत करना चाहते हैं, तो पीले रंग का इस्तेमाल करें। वास्तु के इन सिद्धांतों का पालन करके, आप अपने आवास या कार्यस्थल को एक ऐसी जगह में बदल सकते हैं जहाँ ब्रह्मांडीय ऊर्जा आपके जीवन के लक्ष्यों को पूरा करने में सहायता करती है।






