ग्लिसरीन: बेबी-सॉफ्ट स्किन देगी या मुहाँसों का तोहफा? पूरी सच्चाई
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संवाद 24 डेस्क। सर्दी का मौसम आते ही बाज़ार से ग्लिसरीन की छोटी-बड़ी शीशियाँ गायब होने लगती हैं। दादी-नानी के ज़माने से चला आ रहा यह नुस्खा आज भी लाखों घरों में सबसे भरोसेमंद मॉइश्चराइज़र माना जाता है। लेकिन सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेज़ी से फैल रहा है रात को सोते समय पूरा चेहरा ग्लिसरीन से भरकर तकिए पर सिर रख देना।
क्या वाकई यह तरीका सुरक्षित है? रोज़ाना ग्लिसरीन लगाने से त्वचा को क्या-क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं? क्या शुद्ध ग्लिसरीन को बिना मिलाए सीधे चेहरे पर रातभर छोड़ा जा सकता है? आइए वैज्ञानिक तथ्यों, त्वचा विशेषज्ञों की सामान्य सलाह और क्लिनिकल स्टडीज़ के आधार पर हर सवाल का विस्तार से जवाब जानते हैं।
ग्लिसरीन होती क्या है?
ग्लिसरीन एक प्राकृतिक अल्कोहल है जो वनस्पति तेलों या कभी-कभी पशु वसा से निकाला जाता है। यह पूरी तरह रंगहीन, गंधहीन और हल्की मीठी होती है। कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में 99.7% शुद्ध ग्लिसरीन बेची जाती है, जिसे “vegetable glycerin” भी कहा जाता है। सबसे खास बात यह एक शक्तिशाली ह्यूमेक्टेंट है, यानी हवा में मौजूद नमी को सोखकर त्वचा की सतह पर जमा करने की क्षमता रखती है। यही गुण इसे सर्दियों का सबसे लोकप्रिय स्किनकेयर घटक बनाता है।
रोज़ाना ग्लिसरीन लगाने के 7 बड़े फायदे
- 24 घंटे तक गहरी नमी – जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल एंड एस्थेटिक डर्मेटोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि ग्लिसरीन त्वचा की सबसे ऊपरी परत में पानी की मात्रा को 24-48 घंटे तक बढ़ाए रखती है। यही वजह है कि बहुत रूखी त्वचा वाले लोग इसे लगा कर तुरंत राहत महसूस करते हैं।
- त्वचा का प्राकृतिक बैरियर मजबूत होता है – त्वचा के ऊपर एक अदृश्य सुरक्षा कवच होता है जिसे “स्किन बैरियर” कहते हैं। प्रदूषण, ठंडी हवा और साबुन इस बैरियर को कमज़ोर करते हैं। ग्लिसरीन इस बैरियर को मज़बूत करने में मदद करती है, जिससे त्वचा में पानी का रिसाव कम होता है और बाहर के हानिकारक तत्व अंदर नहीं घुस पाते।
- फटी एड़ियाँ, होंठ और कोहनी नरम हो जाती हैं – सर्दी में सबसे ज़्यादा परेशानी फटे होंठ और एड़ियों की होती है। शुद्ध ग्लिसरीन लगाने से 2-3 दिन में ही ये हिस्से मुलायम हो जाते हैं। कई अध्ययनों में इसे “सबसे तेज़ हीलिंग ह्यूमेक्टेंट” माना गया है।
- छोटे-मोटे घाव और जलन में राहत – ग्लिसरीन सूजन को कम करती है और घाव भरने की प्रक्रिया को तेज़ करती है। इसलिए इसे कई मेडिकल मलहमों में भी मिलाया जाता है।
- सोरायसिस और एक्ज़िमा में मददगार – कई क्लिनिकल ट्रायल्स में पाया गया है कि 15-20% ग्लिसरीन वाली क्रीम सोरायसिस के मरीजों में खुजली, लालिमा और स्केलिंग को 30-50% तक कम कर सकती है।
- मेकअप के पहले बेस्ट बेस – ग्लिसरीन की पतली परत लगाने से फाउंडेशन बिना केकी हुए एकसार चिपकता है और दिनभर चेहरा हाइड्रेटेड रहता है।
- बालों के लिए भी वरदान – शैंपू में 2-3 बूंद ग्लिसरीन मिलाने से बालों में नमी बनी रहती है और रूसी कम होती है।
रातभर शुद्ध ग्लिसरीन लगाने के संभावित नुकसान
जितने फायदे हैं, उतने ही जोखिम भी हैं अगर गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए। ये हैं सबसे आम समस्याएँ:
- धूल-मिट्टी और प्रदूषण चिपकना – ग्लिसरीन बहुत चिपचिपी होती है। रातभर चेहरे पर लगी रहने से तकिए का कवर, बालों की धूल और हवा में उड़ते कण चेहरे पर चिपक जाते हैं। सुबह उठते ही चेहरा गंदा और भारी लगता है।
- नमी कम होने पर उल्टा असर – अगर कमरे में ह्यूमिडिटी 30% से कम है (जो दिल्ली, राजस्थान, यूपी जैसे इलाकों में सर्दियों में आम है), तो ग्लिसरीन हवा से नमी खींचने की बजाय आपकी त्वचा से ही पानी खींच लेती है। नतीजा त्वचा पहले से ज़्यादा रूखी और खिंची हुई हो जाती है।
- मुहाँसे और बंद पोर्स – शुद्ध ग्लिसरीन कॉमेडोजेनिक नहीं होती, लेकिन जब यह धूल और तेल के साथ मिलती है तो पोर्स ब्लॉक कर सकती है। ऑयली और कॉम्बिनेशन स्किन वालों में रातभर लगाने से अगले दिन छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं।
- फंगल एक्ने का खतरा – कुछ लोगों को मालासेज़िया नामक फंगस से एक्ने होता है। ग्लिसरीन इस फंगस के लिए पोषण का काम करती है, इसलिए ऐसे लोगों में हालत और बिगड़ सकती है।
- आँखों के आसपास जलन – अगर ग्लिसरीन आँखों के बहुत पास लग जाए तो सुबह उठते ही आँखें चिपचिपी और जलन वाली लगती हैं।
सही तरीका –
हमेशा पतला करके लगाएं
सबसे सुरक्षित अनुपातः
- ग्लिसरीन : गुलाब जल = 1 : 3 या 1 : 4
- ग्लिसरीन : एलोवेरा जेल = 1 : 2
- ग्लिसरीन : अपनी डे-नाइट क्रीम = 2-3 बूंद प्रति चम्मच क्रीम
दिन में इस्तेमाल का सही समय
- सुबह नहाने के बाद
- मेकअप से 5 मिनट पहले
- ऑफिस से घर लौटते ही (प्रदूषण से बचाने के लिए)
रात में इस्तेमाल का सुरक्षित तरीका
- शाम 7-8 बजे चेहरा धोकर डायल्यूटेड ग्लिसरीन लगाएं
- 1-2 घंटे बाद सोने से पहले चेहरा फिर से धो लें या गीले कॉटन से पोंछ लें
- अगर रातभर रखना ही है तो सिर्फ 5-10% ग्लिसरीन वाली नाइट क्रीम चुनें
घरेलू फेस मास्क (केवल 15-30 मिनट के लिए)
- ग्लिसरीन 1 चम्मच + शहद 1 चम्मच + दही 2 चम्मच = हाइड्रेशन + ग्लो
- ग्लिसरीन 5 बूंद + मुल्तानी मिट्टी = ऑयली स्किन के लिए बेस्ट
- ग्लिसरीन 1 चम्मच + गुलाब जल 3 चम्मच + विटामिन E तेल 1 कैप्सूल = एंटी-एजिंग नाइट सीरम
बॉडी के लिए बेस्ट तरीके
- नहाने के पानी में 2 ढक्कन ग्लिसरीन मिलाएं – पूरा शरीर मुलायम
- फटी एड़ियों पर शुद्ध ग्लिसरीन लगाकर मोज़े पहनें – सुबह तक असर
किन लोगों को ग्लिसरीन से पूरी तरह बचना चाहिए?
- जिनकी त्वचा बहुत ज़्यादा तैलीय हो
- जिन्हें फंगल एक्ने (गालों पर छोटे-छोटे एकसमान दाने) हों
- जिन्हें पहले ग्लिसरीन से खुजली या लालिमा हुई हो
- बहुत ज़्यादा प्रदूषित शहरों में रहने वाले लोग (रातभर शुद्ध ग्लिसरीन न लगाएं)
ग्लिसरीन है वरदान, लेकिन समझदारी से इस्तेमाल करें
ग्लिसरीन सर्दियों में त्वचा के लिए सचमुच रामबाण है, बशर्ते इसे सही मात्रा और सही तरीके से लगाया जाए। शुद्ध ग्लिसरीन को सीधे रातभर चेहरे पर लगाकर सोना ज्यादातर लोगों के लिए फायदे की बजाय नुकसान ज्यादा देता है। इसे हमेशा पतला करके, सीमित समय के लिए और साफ-सुथरे माहौल में ही इस्तेमाल करें।
सही तरीके से लगाएंगे तो आपकी त्वचा पूरे सीज़न मुलायम, चमकदार और हाइड्रेटेड रहेगी। गलत तरीके से लगाएंगे तो मुहाँसे, चिपचिपाहट और रूखेपन की नई शिकायतें शुरू हो सकती हैं। इस सर्दी में ग्लिसरीन को अपना दोस्त बनाइए, लेकिन समझदारी से।
डिस्क्लेमर
उपरोक्त लेख में दी गई सभी जानकारी एवं सुझाव केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रकाशित किए गए हैं। यह सामग्री किसी भी रूप में योग्य चिकित्सक की पेशेवर सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।
किसी भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षण के आधार पर स्वयं निदान करना या स्वचालित उपचार शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय से पहले कृपया अपने चिकित्सक, विशेषज्ञ या योग्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से अनिवार्य रूप से परामर्श करें। संवाद 24 इस लेख में उल्लिखित जानकारी की चिकित्सकीय सत्यता, पूर्णता या उपयुक्तता के लिए कोई दायित्व स्वीकार नहीं करता तथा इसके उपयोग से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की हानि या असुविधा के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।






