साधारण सर्दी में भी कंपकंपी छूट रही है? ये आपके शरीर का ‘इमरजेंसी अलार्म’ हो सकता है, अभी जान लें वरना पछताएंगे।

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संवाद 24 स्वास्थ्य डेस्क।
नवंबर का महीना शुरू होते ही मौसम में ठंडक घुलने लगती है। गर्म चाय की चुस्कियाँ, रजाई का लुत्फ़ और ऊनी कपड़े निकल आते हैं। अधिकांश लोगों के लिए यह मौसम खुशगवार होता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें दूसरों की तुलना में कई गुना ज्यादा ठंड लगती है। गर्म कमरे में बैठे होने के बावजूद उनके हाथ-पैर बर्फ जैसे रहते हैं। मोजे, दस्ताने, शॉल सब बेकार। अगर आप भी इन्हीं लोगों में से हैं तो समझ लीजिए कि आपका शरीर आपको कुछ गंभीर संकेत दे रहा है।

ज्यादातर लोग इसे कमजोरी, खून की कमी या “ठंडा स्वभाव” समझकर टाल देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार लगातार और असामान्य रूप से ठंड लगना तीन बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सबसे पहला और स्पष्ट लक्षण हो सकता है। ये तीनों समस्याएँ अगर समय रहते पकड़ में आ जाएँ तो इलाज बहुत आसान है, लेकिन नजरअंदाज करने पर ये जीवनभर की परेशानी बन सकती हैं।

आयरन की कमी, शरीर का “गर्मी उत्पन्न करने वाला ईंधन” खत्म हो रहा है
हमारा शरीर जिस तरह कार का इंजन पेट्रोल से चलता है, उसी तरह ऊर्जा और गर्मी पैदा करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इस ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के हर कोने तक पहुँचाने का काम हीमोग्लोबिन करता है और हीमोग्लोबिन बनाने के लिए सबसे जरूरी खनिज है आयरन।

जब शरीर में आयरन कम हो जाता है तो हीमोग्लोबिन का स्तर गिर जाता है। खून पतला होने लगता है। ऑक्सीजन कम पहुँचने की वजह से मांसपेशियाँ और ऊतक कम ऊर्जा बनाते हैं। ऊर्जा कम बनेगी तो गर्मी भी कम बनेगी। नतीजा हाथ-पैर ठंडे, नाक-कान बर्फ जैसे, और पूरा शरीर काँपता रहता है, भले ही बाहर का तापमान 15-18 डिग्री ही हो।

इसके साथ-साथ आपको ये लक्षण भी दिख सकते हैं:

  • सीढ़ियाँ चढ़ते या तेज चलते ही हाँफना
  • सिर घूमना या चक्कर आना
  • नाखून पीले और चपटे पड़ना
  • जीभ पर सफेदी या जलन महसूस होना
  • बालों का असामान्य रूप से झड़ना
  • बार-बार होंठ फटना और मुँह के कोनों में छाले

महिलाओं में यह समस्या पुरुषों से 8-10 गुना ज्यादा देखी जाती है क्योंकि हर महीने मासिक धर्म के दौरान खून की कमी होती है। शाकाहारी लोगों में भी आयरन की कमी आम है क्योंकि पौधों में मौजूद आयरन (नॉन-हीम आयरन) शरीर में केवल 2-10% ही अवशोषित होता है, जबकि मांस-मछली से मिलने वाला हीम आयरन 15-35% तक अवशोषित हो जाता है।

क्या खाएँ?

  • गुड़ और खजूर का रोजाना सेवन
  • पालक, चौलाई, बथुआ, सरसों का साग
  • चने की दाल, काले चने, राजमा, उड़द की दाल
  • अनार, सेब, चुकंदर, गाजर
  • तिल, मूँगफली, कद्दू के बीज

ध्यान रखें: आयरन को शरीर में सोखने के लिए विटामिन C जरूरी है। हर आयरन युक्त भोजन के साथ नींबू, संतरा, आँवला, टमाटर या अमचूर जरूर लें। चाय-कॉफी आयरन के अवशोषण को 50-70% तक रोकती हैं, इसलिए भोजन के तुरंत पहले या बाद में चाय बिल्कुल न पिएँ।

विटामिन B12 की कमी, नसों का इंजन ठप होने की शुरुआत
विटामिन B12 को “ऊर्जा का विटामिन” भी कहा जाता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के साथ-साथ नसों को स्वस्थ रखने और मायलिन शीथ (नसों की इंसुलेशन) बनाने में मदद करता है। जब B12 कम होता है तो ऑक्सीजन की सप्लाई भी प्रभावित होती है और नसों में झनझनाहट, सुन्नता शुरू हो जाती है।

सबसे पहले हाथ-पैरों की उँगलियाँ प्रभावित होती हैं। रात में सोते समय हाथ-पैरों में सुई चुभने जैसा दर्द या झनझनाहट, पैरों में भारीपन और ठंडक ये B12 की कमी के शुरुआती लक्षण हैं। धीरे-धीरे चलने में लड़खड़ाहट, याददाश्त कमजोर होना और डिप्रेशन तक हो सकता है।

भारत में शाकाहारियों में B12 की कमी 40-70% तक पाई गई है क्योंकि यह विटामिन मुख्य रूप से पशु उत्पादों में ही प्रचुर मात्रा में मिलता है। दूध-दही में बहुत कम मात्रा होती है और वह भी उबालने पर नष्ट हो जाती है।

क्या खाएँ?

  • दूध, पनीर, छाछ, मट्ठा (दिन में कम से कम 500 मिली डेयरी)
  • अंडे (खासकर जर्दी)
  • मछली, चिकन, मटन (नॉन-वेज खाने वालों के लिए)
  • फोर्टिफाइड सीरियल्स और न्यूट्रीला/सोया चंक्स जिनमें B12 मिलाया जाता है
  • शाकाहारियों के लिए डॉक्टर की सलाह से 500-1000 mcg मिथाइलकोबालामिन सप्लीमेंट साप्ताहिक या मासिक इंजेक्शन

हाइपोथायरायडिज्म, शरीर का थर्मोस्टेट खराब हो चुका है
थायरॉइड ग्रंथि गर्दन में तितली के आकार की छोटी-सी ग्रंठि है, लेकिन यह पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म का रिमोट कंट्रोल है। यह तय करती है कि आपका शरीर कितनी तेजी से कैलोरी जलाएगा और कितनी गर्मी पैदा करेगा। जब यह ग्रंथि सुस्त पड़ जाती है (हाइपोथायरायडिज्म) तो पूरा शरीर ठंडा पड़ने लगता है।

सबसे खास बात यह है कि हाइपोथायरायडिज्म में ठंड लगना अचानक और बहुत तेज शुरू होता है। पिछले साल तक आप बिना स्वेटर के घूमते थे, इस साल अचानक 20 डिग्री पर भी कंपकंपी छूट रही है तो 90% संभावना है कि थायरॉइड कम हो गया है।

अन्य प्रमुख लक्षण:

  • वजन बिना वजह बढ़ना (5-10 किलो तक)
  • चेहरा सूजा-सूजा रहना, खासकर आँखों के नीचे
  • बाल रूखे, पतले और तेजी से झड़ना
  • त्वचा रूखी, फटी हुई
  • कब्ज की पुरानी समस्या
  • डिप्रेशन, सुस्ती, नींद ज्यादा आना
  • मासिक धर्म अनियमित होना या बहुत ज्यादा bleeding

भारत में हर 10 में से 1 महिला और हर 20 में से 1 पुरुष को जीवन में कभी न कभी थायरॉइड की समस्या होती है। सबसे ज्यादा मामले 30-50 साल की उम्र में सामने आते हैं।

क्या करें?

  • रोजाना आयोडाइज्ड नमक का इस्तेमाल करें
  • समुद्री मछली, सी-वीड, केल्प सप्लीमेंट (आयोडीन के लिए)
  • ब्राजील नट्स (2-3 रोजाना) – सेलेनियम का सबसे अच्छा स्रोत
  • सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, तिल
  • बाजरा, ज्वार, रागी को रोटी में शामिल करें
  • सबसे जरूरी – सुबह खाली पेट TSH, T3, T4 और Anti-TPO एंटीबॉडी का ब्लड टेस्ट करवाएँ

अगर TSH 10 से ऊपर है तो दवा शुरू करना जरूरी है। अच्छी बात यह है कि थायरॉइड की दवा (लेवोथायरोक्सिन) लेने के 15-20 दिन में ही ठंड लगना, सुस्ती और वजन बढ़ना लगभग पूरी तरह कंट्रोल हो जाता है।

तुरंत करवाएँ ये तीन ब्लड टेस्ट
अगर आपको ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का 50% भी मैच कर रहा है तो बिना देर किए किसी डॉक्टर की सलाह से नजदीकी पैथोलॉजी लैब में ये तीन टेस्ट करवाएँ:

  1. CBC + Peripheral Smear (हीमोग्लोबिन और आयरन की स्थिति पता चलेगी)
  2. Serum Ferritin + Serum Iron + TIBC (आयरन की कमी की पुख्ता जाँच)
  3. Vitamin B12 + Folate level
  4. Thyroid Profile (TSH, Free T4, Anti-TPO)

ये सारे टेस्ट मिलाकर लगभग 1000-1500 रुपए में हो जाते हैं, लेकिन ये आपके पूरे जीवन की दिशा बदल सकते हैं।

रोजमर्रा के 10 आसान उपाय जो शरीर को अंदर से गर्म रखेंगे

  1. सुबह गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद + आधा नींबू + दालचीनी पाउडर
  2. अदरक की चाय या सोंठ का काढ़ा दिन में २ बार
  3. तिल के तेल से रोज रात को पैरों की मालिश
  4. बादाम, अखरोट, काजू, मुनक्का रातभर भिगोकर सुबह खाएँ
  5. सूप में काली मिर्च, लौंग, दालचीनी डालकर पिएँ
  6. रोज 30-40 मिनट तेज चलें या सूर्य नमस्कार करें
  7. रात को सोते समय मोजे जरूर पहनें
  8. गर्म पानी से नहाएँ, ठंडे पानी से परहेज
  9. खाने में देसी घी, मक्खन, मूँगफली का तेल शामिल करें
  10. कमरे में हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करें, लेकिन हवा सूखने न पाए, इसके लिए पानी की कटोरी रखें

अंत में यही कहा जा सकता है कि सर्दी में बहुत ज्यादा ठंड लगना कोई मामूली बात नहीं है। यह आपके शरीर का इमरजेंसी अलार्म है। इसे अनसुना करने की कीमत आपको आने वाले सालों में भारी पड़ सकती है। आज ही अपने खान-पान में सुधार करें, जरूरी टेस्ट करवाएँ और सर्दी को वाकई खुशगवार बना लें।

डिस्क्लेमर
उपरोक्त लेख में दी गई सभी जानकारी एवं सुझाव केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रकाशित किए गए हैं। यह सामग्री किसी भी रूप में योग्य चिकित्सक की पेशेवर सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।

किसी भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षण के आधार पर स्वयं निदान करना या स्वचालित उपचार शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय से पहले कृपया अपने चिकित्सक, विशेषज्ञ या योग्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से अनिवार्य रूप से परामर्श करें। संवाद 24 इस लेख में उल्लिखित जानकारी की चिकित्सकीय सत्यता, पूर्णता या उपयुक्तता के लिए कोई दायित्व स्वीकार नहीं करता तथा इसके उपयोग से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की हानि या असुविधा के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

Samvad 24 Office
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