21 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
वैदिक पंचांग:
अंग्रेजी दिनांक – 21 नवम्बर 2025, शुक्रवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत – 1947
संवत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अमावस्या (पूरे दिन)
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अनुराधा सुबह तक, तत्पश्चात् ज्येष्ठा
योग – अतिगण्ड सुबह तक, तत्पश्चात् साँभव
करण – कीमती सुबह तक, तत्पश्चात् कृत्तिका
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:49
सूर्यास्त – 05:35
ब्रह्ममुहूर्त – 05:11 से 05:59
अभिजीत मुहूर्त – 11:22 से 12:04
निशिता मुहूर्त – 11:40 PM से 12:33 AM (22 नवम्बर) तक
राहुकाल – 10:30 से 12:00 PM
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
भद्रा – नहीं
पंचक – नहीं
विशेष उपाय (भिन्न-भिन्न लाभ के लिए)
धन-लाभ हेतु: आज “ॐ लक्ष्मीदेवाय नमः” मंत्र 108 बार जाप करें। रात में दीपक को पूर्व दिशा की ओर जलाएँ।
ज्ञान और अध्ययन-लाभ हेतु: अध्ययन के आरंभ में “ॐ सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 21 बार उच्चारण करें, और हल्के पीले या सफेद पुष्प अर्पित करें।
स्वास्थ्य सुधार हेतु: सुबह के समय हल्का तुलसी का जलतन लें और “ॐ भैषज्य देवाय नमः” मंत्र का 11 बार जाप करें, यह रोग-निवारण में सहायक हो सकता है।


