19 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 19 नवम्बर 2025, बुधवार
कालगणना
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मृगशीर्ष
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी रात्रि 09:43 तक, तत्पश्चात अमावस्या
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – स्वाति (सुबह) तक, तत्पश्चात विशाखा
योग – सौभाग्य सुबह तक, फिर शोभन योग
करण – शाकुनी सुबह तक, तत्पश्चात चतुष्पाद और फिर नाग
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:47 AM (उज्जैन मानक समय के अनुसार)
सूर्यास्त – 05:37 PM
राहुकाल – 11:44 AM से 1:05 PM
दिशा शूल – पूरब
व्रत / पर्व विवरण
पितृ-तर्पण और दान-पुण्य के लिए दिन अनुकूल माना जाता है
दिशा विवेक – पूजा या आरती पूर्व या उत्तर दिशा में करने का विधान लाभदायक है। पश्चिम या दक्षिण दिशा की ओर आराधना करने से अवरोध या कष्ट हो सकते हैं। सोते समय सिर पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर रखने से स्वास्थ्य और मानसिक शांति में वृद्धि होती है।
आज के लिए विशेष उपाय (पूर्वजों की स्मृति एवं दान-उपाय)
आज पितृ तर्पण करने के लिए घर के बाहर या पवित्र जल में हल्का दान दें (अनाज, तिल, चावल)। शाम को गंगा जल या पवित्र नदी के जल से स्नान करें और “ॐ पितृभ्यो नमः” मंत्र 108 बार जप करें। यदि संभव हो, तो किसी पितृ सेवा केंद्र या मंदिर में दान देकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पुण्य अर्जित करें।


