
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के मतदान के दौरान फर्रुखाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) परिसर में भाजपा प्रत्याशी के बस्ते के पास विवाद होने का मामला सामने आया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, विरोधी की मदद करने को लेकर एक स्कूल प्रबंधक और सपा समर्थक बताए जा रहे शिक्षक नेता के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर प्रबंधक ने शिक्षक नेता को थप्पड़ मार दिए। हालांकि, इस घटना के संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि या किसी पक्ष का बयान स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हो सका है।
विरोधी की मदद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद
बताया गया है कि 23 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे नगला खैरबंद स्थित महावीर इंटर कॉलेज के कुछ शिक्षक नेता और शिक्षक जीआईसी में मतदान करने के बाद बाहर निकले। इसी दौरान बाइक से जा रहे एक शिक्षक नेता की नजर भाजपा प्रत्याशी के बस्ते पर मौजूद रामानंद इंटर कॉलेज समूह के प्रबंधक विनीत अग्निहोत्री पर पड़ी। शिक्षक नेता ने बाइक रोककर प्रबंधक से कथित तौर पर सवाल किया कि वह उनके विरोधी की मदद क्यों करते हैं।
जवाब के बाद बढ़ी कहासुनी
प्राप्त विवरण के अनुसार, प्रबंधक ने जवाब दिया कि संबंधित व्यक्ति उनके बड़े भाई हैं और परिचितों की मदद करना कोई असामान्य बात नहीं है। बताया जाता है कि इसके बाद प्रबंधक वहां से जाने लगे, लेकिन शिक्षक नेता की ओर से कथित तौर पर दोबारा टिप्पणी किए जाने पर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि इससे नाराज प्रबंधक ने शिक्षक नेता की बाइक की चाबी निकाल ली और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए कई थप्पड़ मार दिए। हालांकि, घटना के इस पूरे क्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मौके पर मौजूद लोगों के सामने हुई घटना
बताया गया है कि विवाद के दौरान घटनास्थल पर कई शिक्षक और स्थानीय लोग मौजूद थे। उपलब्ध जानकारी में महावीर इंटर कॉलेज के शिक्षक नेता प्रवेश शाक्य, शिक्षक नेता महिपाल सिंह तथा भाजपा समर्थक संजू तिवारी, पिंकू चौहान, ज्ञानेंद्र अवस्थी, डमरू और सचिन बाथम के नाम शामिल हैं घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच क्या स्थिति रही और किसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
एमएलसी चुनाव के बीच घटना की चर्चा
23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश में आगरा खंड सहित विभिन्न स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ। फर्रुखाबाद में भी चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यवस्थाएं की थीं। ऐसे में मतदान केंद्र के आसपास कथित मारपीट की घटना ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनने की स्थिति पैदा की है।






