
संवाद 24 हरदोई। सड़क की बदहाली किसी परिवार के लिए कितनी बड़ी परेशानी बन सकती है, इसकी तस्वीर शुक्रवार को अहिरोरी विकासखंड के सलेमपुर गांव में सामने आई। तबीयत बिगड़ने पर गर्भवती सरिता को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन कीचड़ और जलभराव के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। एंबुलेंस गांव के बाहर खड़ी रही और महिला को परिजनों के साथ करीब 900 मीटर का रास्ता पैदल तय करना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
सड़क नहीं, कीचड़ से भरा रास्ता बनी परेशानी
सलेमपुर, ग्राम पंचायत डही का मजरा है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव को जोड़ने वाला लगभग 900 मीटर लंबा रास्ता लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान यहां कीचड़ और पानी भर जाता है, जिससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। शुक्रवार को सरिता की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने एंबुलेंस बुलवाई। लेकिन रास्ते की खराब स्थिति के चलते वाहन गांव के भीतर नहीं पहुंच पाया। इसके बाद परिजनों को गर्भवती महिला को पैदल ही कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा।
ग्रामीणों ने उसी रास्ते पर किया प्रदर्शन
महिला को परेशानी से गुजरते देख ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। लोगों ने एकजुट होकर खराब रास्ते पर पैदल मार्च किया और सड़क निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मार्ग बनवाने की अपील करते हुए कहा कि लंबे समय से सड़क की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में यह रास्ता गांव के लोगों के लिए बड़ी बाधा बन जाता है।
मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, रास्ते की खराब हालत का असर केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है। बारिश के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना कठिन हो जाता है। ऐसे में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना, बुजुर्गों का आवागमन और बच्चों का स्कूल जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क का पक्का निर्माण होने से गांव के लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में राहत मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि समस्या को प्राथमिकता पर लेकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर देखी स्थिति
घटना का वीडियो सामने आने के बाद शुक्रवार शाम कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे और शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित सलेमपुर पहुंचे। उन्होंने खराब रास्ते का जायजा लिया और पीड़ित परिवार तथा ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों से मार्ग का पक्का निर्माण जल्द कराने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें रास्ते की स्थिति और बारिश में होने वाली परेशानियों से अवगत कराया।
अब सड़क निर्माण की मांग पर टिकी निगाहें
सलेमपुर की घटना ने ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति और आपातकालीन परिस्थितियों में गांव तक पहुंचने की सुविधा पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होने तक बारिश के मौसम में मरीजों और अन्य जरूरतमंद लोगों को इसी तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि करीब 900 मीटर लंबे मार्ग का पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी मरीज या गर्भवती महिला को खराब रास्ते के कारण इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर कब तक कार्रवाई करता है।






