
संवाद 24 फर्रुखाबाद। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को फर्रुखाबाद से कायमगंज तक देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। घंटे-घड़ियाल की ध्वनि और मां दुर्गा के जयकारों के बीच भक्तों ने देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। घरों में कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू हुए तो मंदिरों में दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
आरती के बाद खुले गुरुगांव देवी मंदिर के कपाट
शहर के निकट स्थित गुरुगांव देवी मंदिर में नवरात्र की शुरुआत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, मां का श्रृंगार सुबह करीब चार बजे से शुरू हुआ। सुबह छह बजे आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। नवरात्र को लेकर मंदिर परिसर में पहले से ही तैयारियां चल रही थीं। भक्तों के पहुंचने के साथ दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो गया। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस बार अष्टमी के अवसर पर मां को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे।
बढ़पुर से फतेहगढ़ तक मंदिरों में पहुंचते रहे भक्त
शहर के बढ़पुर स्थित शीतला देवी मंदिर, भोलेपुर के वैष्णो देवी मंदिर, मठिया देवी मंदिर और फतेहगढ़ के गमा देवी मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालु पहुंचने लगे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पूजा-अर्चना कर नवरात्र व्रत का संकल्प लिया। नवरात्र के पहले दिन कई घरों में मिट्टी और बालू में जौ बोकर कलश स्थापित किया गया। विधि-विधान से पूजा के बाद परिवारों ने नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत की।
कायमगंज में बड़ी देवी और फूलमती मंदिर में कतारें
कायमगंज नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्र का उत्साह दिखाई दिया। पितृ पक्ष की समाप्ति के बाद रविवार को देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बड़ी देवी मंदिर और फूलमती देवी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं।मंदिरों में नवरात्र से पहले साफ-सफाई, धुलाई और रंगाई-पुताई कराई गई थी। मुख्य द्वारों और आने-जाने वाले रास्तों को रंग-बिरंगी बिजली की झालरों से सजाया गया। सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला बना रहा। भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की और नौ दिवसीय व्रत-पूजन का संकल्प लिया।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी से निगरानी
नवरात्र के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मंदिरों में पुलिस बल तैनात किया गया है और व्यवस्था संभालने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मंदिर परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है। पहले दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच मंदिरों में दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा। अब नवरात्र के आगामी दिनों में भी मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। अष्टमी पर गुरुगांव देवी मंदिर में प्रस्तावित 56 भोग का आयोजन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।






