
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), आश्विन (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पंचमी अगले दिन (16 अक्टूबर) प्रातः 03:26 AM तक, तत्पश्चात् षष्ठी
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – ज्येष्ठा पूर्ण रात्रि
योग – सौभाग्य रात्रि 09:14 PM तक, तत्पश्चात् शोभन
करण – बव दोपहर 02:17 PM तक, तत्पश्चात् बालव अगले दिन (16 अक्टूबर) प्रातः 03:26 AM तक, तत्पश्चात् कौलव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:11 AM
सूर्यास्त – 05:43 PM
चन्द्रोदय – 10:28 AM
चन्द्रास्त – 08:42 PM
चन्द्र राशि – वृश्चिक
अभिजित मुहूर्त – 11:34 AM से 12:20 PM तक
विजय मुहूर्त – 01:52 PM से 02:38 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 01:23 PM से 02:50 PM तक
यमगण्ड – 06:11 AM से 07:37 AM तक
गुलिक काल – 09:04 AM से 10:30 AM तक
दुर्मुहूर्त – 10:02 AM से 10:48 AM तक एवं 02:38 PM से 03:25 PM तक
कंटक – 02:38 PM से 03:25 PM तक
शुभ चौघड़िया
शुभ – 06:11 AM से 07:37 AM तक
चर – 10:30 AM से 11:57 AM तक
लाभ – 11:57 AM से 01:23 PM तक
अमृत – 01:23 PM से 02:50 PM तक
शुभ – 04:16 PM से 05:43 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – दक्षिण
यात्रा उपाय – गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर अथवा भगवान विष्णु का स्मरण करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
शारदीय नवरात्रि (पंचम दिवस – माँ स्कंदमाता पूजन) एवं ललिता पंचमी
आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप ‘माँ स्कंदमाता’ की उपासना की जाती है। भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। इनकी आराधना से साधकों को मोक्ष, परम शांति, ज्ञान तथा संतान सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही आज देवी ललिता की साधना का अत्यंत पावन पर्व ‘ललिता पंचमी’ भी श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।
ज्येष्ठा नक्षत्र एवं गंडमूल विचार
ज्येष्ठा नक्षत्र पूर्ण रात्रि रहेगा, जिसके स्वामी बुध देव और अधिपति देव ‘इंद्र’ हैं। यह एक तीक्ष्ण व गंडमूल नक्षत्र है, जो सुरक्षा, नेतृत्व, प्रतिस्पर्धा, प्रशासनिक कार्यों और तंत्र साधना के लिए अनुकूल माना जाता है। आज जन्मे शिशुओं की मूल शांति करानी चाहिए।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन-रात मंगल की राशि वृश्चिक में संचरण करेंगे। रात्रि 09:14 तक सौभाग्य योग का प्रभाव रहने से वैवाहिक जीवन, धार्मिक अनुष्ठान और नवीन संकल्पों में स्थायित्व एवं सफलता मिलेगी। गुरुवार को शुक्ल पंचमी का शुभ संयोग विद्यारंभ और ज्ञानार्जन के लिए उत्तम रहेगा।

आज का राशिफल – 15 अक्टूबर 2026 गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सेहत और खानपान पर विशेष ध्यान दें। वाहन सावधानी से चलाएं और अनचाहे विवादों से दूरी बनाए रखें। वित्तीय मामलों में जोखिम न लें।
उपाय – माँ स्कंदमाता को केले या पीले फल का भोग लगाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
सप्तम भाव में चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में सुख और आपसी सौहार्द बढ़ाएगा। व्यापारिक साझेदारों से उत्तम सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक जीवन में मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – छोटी कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई भेंट करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों पर आपका वर्चस्व स्थापित करेगा। नौकरीपेशा लोगों को परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। पुराने रोगों में सुधार होगा।
उपाय – गाय को भीगी हुई चने की दाल या गुड़ खिलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
पंचम भाव में चन्द्रमा बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा पारिवारिक सुख-साधनों पर ध्यान केंद्रित रखेगा। भूमि, भवन या वाहन से जुड़ा काम आगे बढ़ सकता है। माताजी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
उपाय – सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें और दुर्गा चालीसा पढ़ें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि करेगा। मित्रों और भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा।
उपाय – भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
धन भाव में चन्द्रमा आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा। अटका हुआ धन वापस आने की संभावना बनेगी। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।
उपाय – माँ दुर्गा के मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सराहा जाएगा। सोचे हुए कार्य पूरे होंगे।
उपाय – मस्तक पर केसर या लाल चंदन का तिलक लगाएं।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से धार्मिक व शुभ कार्यों में धन व्यय होगा। दूरस्थ संपर्कों और विदेश से जुड़े मामलों में प्रगति होगी। मानसिक शांति के लिए योग-ध्यान करें।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नए साधन निर्मित करेंगे। वरिष्ठ सहयोगियों और मित्रों से पूरा समर्थन मिलेगा। व्यावसायिक विस्तार के लिए दिन उत्तम है।
उपाय – पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि करेगा। उच्चाधिकारियों का समर्थन मिलेगा। व्यापार में नए प्रोजेक्ट्स मिलने के योग हैं।
उपाय – जरूरतमंदों को पीले वस्त्र या अन्न का दान करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
नवम भाव में चन्द्रमा भाग्य का पूर्ण सहयोग दिलाएगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रयासरत जातकों को सफलता मिलेगी।
उपाय – केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप करें।
॥ शुभम भवतु ॥

