11 अक्टूबर 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 11 अक्टूबर 2026, रविवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), आश्विन (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – प्रतिपदा रात्रि 09:32 PM तक, तत्पश्चात् द्वितीया
वार – रविवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – चित्रा रात्रि 10:32 PM तक, तत्पश्चात् स्वाति
योग – वैधृति रात्रि 09:04 PM तक, तत्पश्चात् विष्कम्भ
करण – किस्तुघ्न प्रातः 09:22 AM तक, तत्पश्चात् बव रात्रि 09:32 PM तक, तत्पश्चात् बालव

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:09 AM
सूर्यास्त – 05:47 PM
चन्द्रोदय – 06:35 AM
चन्द्रास्त – 05:56 PM
चन्द्र राशि – कन्या प्रातः 10:04 AM तक, तत्पश्चात् तुला
अभिजित मुहूर्त – 11:35 AM से 12:21 PM तक
विजय मुहूर्त – 01:54 PM से 02:41 PM तक

अशुभ काल
राहुकाल – 04:20 PM से 05:47 PM तक
यमगण्ड – 11:58 AM से 01:25 PM तक
गुलिक काल – 02:53 PM से 04:20 PM तक
दुर्मुहूर्त – 04:14 PM से 05:01 PM तक
कंटक – 10:01 AM से 10:48 AM तक

शुभ चौघड़िया
उद्वेग – 06:09 AM से 07:36 AM तक
चर – 07:36 AM से 09:04 AM तक
लाभ – 09:04 AM से 10:31 AM तक
अमृत – 10:31 AM से 11:58 AM तक
शुभ – 01:25 PM से 02:53 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दलिया, घी या पान खाकर अथवा भगवान भास्कर (सूर्यदेव) को अर्घ्य देकर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
शारदीय नवरात्रि प्रारंभ एवं घटस्थापना (कलश स्थापना)
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के साथ शक्ति उपासना का महापर्व ‘शारदीय नवरात्रि’ प्रारंभ हो रहा है। आज के दिन घटस्थापना कर माँ शैलपुत्री का विधि-विधान से पूजन किया जाता है। शक्ति की आराधना से साधकों को आरोग्य, ऐश्वर्य, शक्ति और आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त होती है। घटस्थापना का श्रेष्ठ समय अभिजित मुहूर्त (11:35 AM से 12:21 PM) में रहेगा।

चित्रा नक्षत्र का प्रभाव
रात्रि 10:32 तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी मंगल ग्रह और अधिपति देव ‘त्वष्टा’ (देव शिल्पी विश्वकर्मा) हैं। यह नक्षत्र रचनात्मकता, कला, शिल्प, नवीन निर्माण और आकर्षण का प्रतीक है। प्रातः 10:04 पर चन्द्रमा के तुला राशि में प्रवेश करने से सौंदर्य और संतुलन की प्रवृत्ति बढ़ेगी।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः 10:04 के बाद चन्द्रमा शुक्र की राशि तुला में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक प्रसन्नता, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि देखने को मिलेगी। रात्रि 09:04 तक वैधृति योग रहेगा, अतः कलश स्थापना एवं पूजन शुभ मुहूर्त में निष्ठापूर्वक करें।

आज का राशिफल – 11 अक्टूबर 2026 रविवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
प्रातः 10:04 के बाद चन्द्रमा सप्तम भाव में गोचर करेंगे, जिससे दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी और व्यापारिक साझेदारियों से लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – माँ दुर्गा को लाल पुष्प और सिन्दूर अर्पित करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा आपके विरोधियों और शत्रुओं को परास्त करेगा। नौकरीपेशा लोगों को परिश्रम का पूर्ण फल मिलेगा। पुराने रोगों में सुधार होगा।
उपाय – दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ का जप करें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
पंचम भाव में चन्द्रमा बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी।
उपाय – माँ शैलपुत्री को बताशे या सफेद मिठाई का भोग लगाएं।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा पारिवारिक मामलों में व्यस्त रखेगा। भौतिक सुख-सुविधाओं पर ध्यान रहेगा। माताजी का आशीर्वाद फलेगा और गृह शांति बनी रहेगी।
उपाय – माँ भगवती को दूध से बनी खीर का भोग लगाएं।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
तृतीय भाव में चन्द्रमा पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी यात्राएं संभव हैं।
उपाय – सूर्यदेव को अर्घ्य दें और माँ दुर्गा को अनार या सेब अर्पित करें।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
धन भाव में चन्द्रमा आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा। अटका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा और वाणी से लाभ होगा।
उपाय – छोटी कन्याओं को फल या मिष्ठान भेंट करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
प्रातः 10:04 के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक स्पष्टता और निर्णय शक्ति मजबूत होगी। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा।
उपाय – माँ दुर्गा के मंदिर में घी का दीपक जलाएं।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से धार्मिक व सामाजिक कार्यों में धन व्यय होगा। दूरस्थ संपर्कों और विदेश से जुड़े मामलों में प्रगति होगी। सेहत का ध्यान रखें।
उपाय – दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नए साधन निर्मित करेंगे। वरिष्ठ सहयोगियों और मित्रों से पूरा समर्थन मिलेगा। महत्वपूर्ण योजनाएं समय पर पूरी होंगी।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि करेगा। उच्चाधिकारियों का समर्थन मिलेगा। व्यापार में नए प्रोजेक्ट्स मिलने के योग हैं।
उपाय – माँ दुर्गा को नारियल या लौंग का जोड़ा अर्पित करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
नवम भाव में चन्द्रमा भाग्य का पूर्ण सहयोग दिलाएगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रयासरत जातकों को सफलता मिलेगी।
उपाय – माँ शैलपुत्री के मंत्रों का जप करें और कर्पूर जलाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
अष्टम भाव में चन्द्रमा होने से स्वास्थ्य और खानपान पर विशेष ध्यान दें। वाहन सावधानी से चलाएं और अनचाहे विवादों से दूरी बनाए रखें। जोखिम भरे वित्तीय फैसले न लें।
उपाय – भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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