पैतृक जमीन पर झोपड़ी टूटने का आरोप, तहसील पहुंचा मामला: तिर्वा में नीली क्रांति मिशन का प्रदर्शन, पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

तिर्वा, कन्नौज। तिर्वा तहसील क्षेत्र के धूरपुर गांव में एक महिला की पैतृक जमीन पर बनी झोपड़ी तोड़े जाने और जमीन पर दूसरे व्यक्ति को कब्जा दिलाए जाने के आरोप को लेकर बुधवार को मामला तहसील परिसर पहुंच गया। नीली क्रांति बहुजन एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के साथ प्रदर्शन कर पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग उठाई।

पीड़ित परिवार के समर्थन में तहसील परिसर में प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, धूरपुर गांव निवासी अनीता देवी की पैतृक जमीन पर उनका आशियाना बना हुआ था। आरोप है कि झोपड़ी को तोड़कर जमीन पर किसी दूसरे व्यक्ति को कब्जा दिलाया गया। मामले को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और पीड़ित परिवार ने तहसील परिसर में अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

पांच मांगों वाला ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा

प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक तहसीलदार अभिषेक मिश्रा को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कथित कब्जे को हटाकर महिला को उसकी जमीन वापस दिलाने, मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने समेत अन्य मांगें रखी गईं।

लेखपाल और पुलिस की भूमिका की जांच की मांग

नीली क्रांति बहुजन एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद कुमार जाटव ने आरोप लगाया कि महिला की पैतृक जमीन पर बने आशियाने को हटाकर दूसरे व्यक्ति को कब्जा दिलाया गया। संगठन ने मामले में संबंधित लेखपाल और पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराने तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

प्रदर्शनकारियों की शिकायत सुनने के बाद तहसीलदार अभिषेक मिश्रा ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल प्रकरण में लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक जांच प्रस्तावित है। ऐसे में जमीन के स्वामित्व, कथित कब्जे, झोपड़ी हटाए जाने और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका को लेकर वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। राजस्व मामलों में भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया तहसील स्तर पर राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाती है। उत्तर प्रदेश की राजस्व न्यायालय प्रणाली में तिर्वा तहसील से जुड़े भूमि एवं राजस्व संबंधी मामले भी दर्ज हैं।

Shivpratap Singh
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