
संवाद 24 फर्रुखाबाद। मानदेय, बीमा और लंबित प्रोत्साहन राशि समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को फर्रुखाबाद में आशा वर्कर्स ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंचीं और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आशा वर्कर्स ने 11 सूत्रीय मांगों पर सरकार से सुनवाई और जल्द कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई भुगतान और सुविधाओं से संबंधित मांगें लंबित हैं।
राज्यांश बढ़ाने की मांग
आशा वर्कर्स ने आशा और संगिनी के आधारभूत भुगतान में मिलने वाले राज्यांश को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये किए जाने की मांग उठाई। इसके साथ ही कार्य के दौरान सवेतन अवकाश की व्यवस्था लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, ऐसे में भुगतान और सेवा संबंधी सुविधाओं में भी सुधार किया जाना चाहिए।
10 लाख का जीवन बीमा और कैशलेस इलाज की मांग
आशा वर्कर्स ने अपने लिए जीवन बीमा की राशि बढ़ाने की मांग भी रखी। वर्तमान में 2 लाख रुपये के जीवन बीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की मांग की गई। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में उन्हें इलाज के लिए आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा जरूरी है।
वर्षों से लंबित प्रोत्साहन राशि का मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान बकाया प्रोत्साहन राशि के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आशा वर्कर्स ने वर्षों से लंबित विभिन्न प्रोत्साहनों का पूरा भुगतान कराने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने बताया कि मानदेय के पुनरीक्षण के लिए कमेटी गठित की गई थी, लेकिन उसकी अंतिम बैठक अभी नहीं हो सकी है। इसके अलावा अलग-अलग स्वास्थ्य अभियानों में किए गए कार्यों की प्रोत्साहन राशि भी कई मामलों में लंबित होने की बात कही गई।
CMO कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक मार्च
CMO कार्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद आशा वर्कर्स ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। वहां प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से 11 सूत्रीय मांगों पर सरकार से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता रहीं मौजूद
प्रदर्शन में यूनियन की जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी के साथ सपना कटियार, शिप्रा सक्सेना, सुनीता देवी, रामा, कुशमा, सुनीता, उर्मिला और राधा समेत कई आशा वर्कर्स शामिल रहीं।आशा वर्कर्स ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो संगठन आगे भी अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाता रहेगा।






