
कन्नौज। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सदर कोतवाली क्षेत्र के कीरतपुर गांव में एक कच्चा मकान अचानक ढह गया। हादसे के समय मकान के एक कमरे में बंधी 35 बकरियां मलबे में दब गईं। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया और काफी प्रयास के बाद 18 बकरियों को जीवित बाहर निकाल लिया गया। वहीं 17 बकरियों की मलबे में दबने से मौत हो गई।
दोपहर में अचानक भरभराकर गिरा मकान
जानकारी के अनुसार कीरतपुर गांव निवासी खलील बकरी पालन का काम करते हैं। उन्होंने अपने कच्चे मकान के एक कमरे में बकरियों को बांध रखा था। लगातार बारिश के कारण मकान की स्थिति कमजोर हो गई थी। शनिवार दोपहर करीब दो बजे अचानक मकान भरभराकर गिर पड़ा और कमरे में मौजूद सभी बकरियां मलबे के नीचे दब गईं।
आवाज सुनकर मौके पर जुटे ग्रामीण
मकान गिरने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मलबे में बकरियों के दबे होने की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने हाथों और उपलब्ध साधनों से मलबा हटाकर एक-एक कर बकरियों को बाहर निकालना शुरू किया। इस प्रयास में 18 बकरियों की जान बच गई, जबकि 17 बकरियों को नहीं बचाया जा सका।
बकरी पालन से चलता है परिवार का खर्च
पीड़ित खलील के अनुसार उनका परिवार बकरी पालन पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि एक बकरी की कीमत करीब 20 हजार रुपये तक थी। ऐसे में 17 बकरियों की मौत से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। उनके लिए इस नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं होगा।
बारिश से पहले से प्रभावित है कन्नौज
कन्नौज में सितंबर के दौरान बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की कई रिपोर्टें सामने आई हैं। हालिया रिपोर्टों में तेज बारिश और हवाओं के कारण धान की फसल गिरने तथा कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है।
मुआवजे और नुकसान के आकलन की उम्मीद
घटना की जानकारी ग्रामीणों की ओर से संबंधित अधिकारियों को दिए जाने की बात सामने आई है। पशुधन की मौत से हुए नुकसान के बाद पीड़ित परिवार को प्रशासनिक स्तर पर सहायता मिलने की उम्मीद है। ऐसे मामलों में वास्तविक क्षति का आकलन संबंधित विभाग द्वारा किए जाने के बाद ही सहायता की स्थिति स्पष्ट होगी।






